
स्पेन में इस्लाम का इतिहास आठवीं शताब्दी से जुड़ा है, जब अल-अंदलुस के नाम से जाना जाने वाला क्षेत्र मुस्लिम शासन के अधीन था। इस दौर में इस्लामी सभ्यता, विज्ञान, कला और साहित्य ने यूरोप पर गहरा प्रभाव डाला। तब यातायात के आधुनिक साधन न होने के कारण घोड़े और ऊँट ही यात्रा के मुख्य साधन हुआ करते थे। हज यात्रा के लिए भी लोग इन्हीं पारंपरिक तरीकों से सफर करते थे। आज भी कुछ स्पेनिश मुसलमान इस परंपरा को जिंदा रखे हुए हैं, जिससे न केवल धार्मिक कर्तव्य पूरा होता है बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान भी बरकरार रहती है।
हज 2025 के लिए स्पेन के तीन मुसलमान—अब्दुल्ला हरनांदेज, अब्दुल कादिर हरकास्सी और तारिक रोद्रिगेज—अपने घोड़ों पर सवार होकर निकल चुके हैं। उन्होंने नवंबर में स्पेन से यात्रा शुरू की थी और अब तक सीरिया तक पहुँच चुके हैं। उनका सफर स्पेन से इटली, स्लोवेनिया, क्रोएशिया, बोस्निया, ग्रीस, तुर्किए और सीरिया होते हुए सऊदी अरब तक का है। इस्तांबुल में उनका भव्य स्वागत हुआ और वहाँ के छात्रों ने उनसे मुलाकात भी की।