मिट्टी के घर, गहरी नींद और पहाड़… 800 मौतों की ये 3 बड़ी वजहें!
भारत
चेतना मंच
01 Sep 2025 03:58 PM
अफगानिस्तान एक बार फिर कुदरत की मार झेल रहा है। रविवार देर रात देश के पूर्वी हिस्से में आए 6.0 तीव्रता के भूकंप ने अब तक 800 से अधिक लोगों की जान ले ली है और 2,500 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जलालाबाद से 27 किलोमीटर दूर था। Afghanistan Earthquake
सबसे ज्यादा तबाही कुनार प्रांत में हुई है, जहां अकेले 600 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन दुर्गम इलाकों की वजह से मदद पहुंचने में समय लग रहा है। तालिबान सरकार का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
इतनी बड़ी तबाही की 3 बड़ी वजहें
आधी रात का वक्त
भूकंप रात के करीब 2 बजे आया जब ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। अधिकतर लोग घरों के अंदर ही मलबे में दब गए।
मिट्टी-पत्थर के घर
अफगानिस्तान के पहाड़ी इलाकों में ज्यादातर मकान मिट्टी और पत्थर से बने होते हैं जिनकी संरचना कमजोर होती है। ऐसे झटकों के दौरान ये मकान चंद सेकंड में जमींदोज हो जाते हैं।
सतही भूकंप
भूकंप की गहराई (depth) बेहद कम थी, जिससे धरती में कंपन की तीव्रता सतह पर ज्यादा महसूस हुई। ऐसे झटके ज्यादा नुकसान करते हैं क्योंकि ऊर्जा पास की सतह पर ही फैलती है।
असर राजधानी काबुल तक
झटकों का असर लगमान, नंगरहार और काबुल तक महसूस किया गया। राजधानी में भी लोग डरकर घरों से बाहर निकल आए। जलालाबाद जैसे शहरों में सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई।
UN महासचिव ने जताया दुख
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वह अफगानिस्तान के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। अफगानिस्तान अक्सर भूकंप की चपेट में आता है। खासकर हिंदूकुश पहाड़ी क्षेत्र, जहां भारतीय और यूरेशियन प्लेटें टकराती हैं, दुनिया के सबसे भूकंप-संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है। अक्टूबर 2023 में भी 6.3 तीव्रता का बड़ा भूकंप आया था, जिसमें UN के मुताबिक लगभग 1,500 लोगों की मौत हुई थी। तालिबान सरकार ने यह संख्या 4,000 तक बताई थी।
कुनार और आसपास के इलाकों में सड़कें टूटी हुई, संचार बाधित और इन्फ्रास्ट्रक्चर कमजोर है, जिससे राहत अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। कई गांवों तक अब तक बचाव टीमें नहीं पहुंच पाई हैं। तालिबान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। Afghanistan Earthquake