डिजिटल अंधेरे में 4 करोड़ लोग, अफगानिस्तान में तालिबान सरकार का नया आदेश
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:01 AM
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने एक बार फिर चौंकाने वाला कदम उठाया है। सरकार ने देशभर में इंटरनेट सेवाओं पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके साथ ही मोबाइल नेटवर्क भी बंद कर दिए गए हैं जिससे लोग न तो कॉल कर पा रहे हैं, न ही किसी भी तरह की डिजिटल सेवाओं तक पहुंच बना पा रहे हैं। Afghanistan News
क्यों लगाया गया डिजिटल ब्लैकआउट?
तालिबान प्रशासन का कहना है कि यह फैसला अनैतिक गतिविधियों पर नियंत्रण के तहत लिया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि यह कदम जनता की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और बाहरी दुनिया से उनके संपर्क को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश है।
इंटरनेट और कॉलिंग दोनों बंद
नेटब्लॉक्स (NetBlocks) की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार देर रात से देश में कई इंटरनेट नेटवर्क बंद कर दिए गए हैं। फोन कॉलिंग सेवाएं भी बंद हो चुकी हैं। देश की लगभग 4.3 करोड़ आबादी पूरी तरह डिजिटल ब्लैकआउट में चली गई है। राजधानी काबुल और प्रमुख शहरों जैसे उरुजगान, मजार-ए-शरीफ और हेरात में फाइबर-ऑप्टिक कनेक्शन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। कुछ समय के लिए मोबाइल डेटा काम करता रहा लेकिन जल्द ही सिग्नल टावर बंद होने के कारण वो भी ठप हो गया।
फ्लाइट्स और कम्युनिकेशन पर भी असर
काबुल एयरपोर्ट से कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं, कुछ को रद्द भी किया गया है। विदेशों में रहने वाले अफगानी नागरिक अब अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग भी को भी बंद कर दिया गया है जिससे NGOs, व्यापारिक संस्थान और आम लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। स्थानीय इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स ने बताया कि उन्हें यह निर्देश सीधे तालिबान प्रशासन से मिले थे। हालांकि, उन्होंने इसके पीछे कोई तकनीकी कारण नहीं बताया साफ है कि यह सरकारी निर्देश पर लिया गया निर्णय है।
सामाजिक संवाद ठप हो गया है, शिक्षा और व्यवसाय बाधित हो गए हैं, इमरजेंसी सेवाएं और मदद तक पहुंच नहीं रही है, अफगानिस्तान अब पूरी तरह से सूचना के अंधेरे युग में लौटता दिखाई दे रहा है। Afghanistan News