मेडिकल कॉलेज हॉस्टल पर गिरा विमान, 20 मेडिकल छात्रों की मौत की आशंका
भारत
चेतना मंच
12 Jun 2025 04:40 PM
Ahmedabad Plane Crash : गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद गुरुवार दोपहर एक भयावह हादसे का गवाह बनी, जब एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 टेकआफ के महज पांच मिनट बाद शहर के मेघाणी नगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान की टक्कर एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की इमारत से हुई, जिसके चलते करीब 20 मेडिकल छात्रों की मौत की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। विमान में मरने वालों की संख्या क्रू मेंबरों के साथ 242 बताई जा रही है।
हॉस्टल की कैंटीन पर गिरा विमान, दोपहर के वक्त थे दर्जनों छात्र
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हादसा दोपहर करीब 1:10 बजे हुआ, जब एयर इंडिया का ड्रीमलाइनर बी-787 लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भर चुका था। कुछ ही मिनटों में विमान अनियंत्रित होकर बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल ब्लॉक पर आ गिरा। बताया जा रहा है कि विमान का पिछला हिस्सा इमारत से लटक गया, जबकि आगे का हिस्सा पूरी तरह जल गया। इस हॉस्टल की छत पर छात्रों की कैंटीन है, जहां घटना के समय कई छात्र लंच कर रहे थे। ऐसे में मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अब तक किसी भी छात्र की मृत्यु की औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मौके पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया
घटनास्थल पर तीन टीमें रेस्क्यू आपरेशन चला रही हैं, जबकि वडोदरा से अतिरिक्त दो टीमें रवाना की गई हैं। अहमदाबाद के सिविल अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को तत्काल इलाज के लिए पहुंचाया जा रहा है। शहर के पुलिस कमिश्नर और नगर आयुक्त स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
धुएं और आग का मंजर, इलाके में दहशत
विमान के गिरते ही उसमें भयानक विस्फोट हुआ और वह आग की लपटों में घिर गया। दूर-दूर तक धुएं का गुबार देखा गया और आसपास के मकान व वाहन भी आग की चपेट में आ गए। एहतियातन, आसपास की सड़कों को बंद कर दिया गया है और यातायात रोक दिया गया है। अहमदाबाद के आसपास के सभी प्रमुख अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सिविल अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर के अतिरिक्त वार्ड भी खोल दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता घायलों को बचाने और राहत कार्य को तेजी से अंजाम देने की है। यह हादसा न सिर्फ एक हवाई दुर्घटना है, बल्कि शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और शहरी एयर ट्रैफिक प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल सभी की नजरें राहत और बचाव कार्यों पर टिकी हैं।