फिलिस्तीन का समर्थन पड़ा भारी, Amazon ने इंजीनियर को किया सस्पेंड
भारत
चेतना मंच
13 Sep 2025 04:56 PM
दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शुमार अमेजन (Amazon) ने अपने फिलिस्तीनी मूल के कर्मचारी अहमद शाहरौर को कंपनी के एक विवादित प्रोजेक्ट का विरोध करने पर सस्पेंड कर दिया है। शाहरौर ने अमेजन और इजराइली सरकार के बीच हुए समझौते 'Project Nimbus' पर सवाल उठाए थे जो कि इजराइल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड डेटा सेवाएं देने से जुड़ा है। Amazon
क्या है पूरा मामला?
अहमद शाहरौर, अमेजन की Whole Foods डिवीजन में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम कर रहे थे। उन्होंने कंपनी के इंटरनल Slack चैनल पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने प्रोजेक्ट निम्बस का खुलकर विरोध किया। उनका कहना था कि इस तरह के टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट फिलिस्तीन में मानवीय संकट को और बढ़ा सकते हैं। उनके मुताबिक, वह लगातार एक नैतिक द्वंद में जी रहे थे एक ऐसी कंपनी में काम करते हुए जिसकी नीतियों से वे सहमत नहीं हैं।
अमेजन का कहना है कि शाहरौर की पोस्ट ने कंपनी की आंतरिक नीतियों का उल्लंघन किया। इसके बाद उन्हें सैलरी के साथ सस्पेंड कर दिया गया यानी उन्हें फिलहाल काम से हटा दिया गया है लेकिन जांच पूरी होने तक वेतन मिलता रहेगा। शाहरौर ने इसे आवाज उठाने की सज़ा बताया और कहा कि कंपनी में काम करने के साथ-साथ मानवाधिकारों के लिए खड़ा होना उनका हक है। उन्होंने ये भी कहा कि अमेजन जैसी कंपनियां बार-बार फिलिस्तीनी आवाजों को दबाने की कोशिश करती हैं।
क्या अकेले शाहरौर ही नहीं?
ऐसी घटनाएं सिर्फ अमेजन में नहीं हो रही हैं। हाल ही में Microsoft और Google जैसी कंपनियों में भी कर्मचारियों ने इजराइल के साथ तकनीकी साझेदारी का विरोध किया था और कई को नौकरी से निकाला भी गया। यह सिर्फ एक कर्मचारी को सस्पेंड करने की बात नहीं है, बल्कि एक बड़ी बहस का हिस्सा है कि क्या टेक कंपनियों को केवल मुनाफे के लिए संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चुप रहना चाहिए या उन्हें भी नैतिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए? Amazon