
America : क्या आप अमेरिका की यात्रा की तैयारी कर रहे हैं? अगर हां, तो सिर्फ वीजा और टिकट नहीं, आपके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी अब 'स्कैनिंग लिस्ट' में हैं। अमेरिका में प्रवेश के दौरान अब सिर्फ पासपोर्ट और वीजा ही नहीं, बल्कि आपके फोन, लैपटॉप और टैबलेट की भी गहन जांच हो सकती है। इससे पहले कि आप किसी मुश्किल में फंसें, जान लें ये बेहद जरूरी बातें:
यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) के पास यह अधिकार है कि वे किसी भी यात्री के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की तलाशी ले सकते हैं।
ये तलाशी एयरपोर्ट, सी-पोर्ट या लैंड बॉर्डर कहीं भी हो सकती है।
सबसे अहम बात – इस तलाशी के लिए किसी वारंट या संदेह की आवश्यकता नहीं होती।
बिना किसी तकनीकी उपकरण के, डिवाइस को मैन्युअली चेक किया जाता है।
यदि आपका डिवाइस अनलॉक है या आपने पासवर्ड दे दिया है, तो अधिकारी तुरंत कंटेंट देख सकते हैं।
अधिकारी विशेष सॉफ्टवेयर या टूल्स की मदद से डिवाइस से डेटा कॉपी, स्कैन या विश्लेषण कर सकते हैं।
इस प्रक्रिया से पहले अधिकारियों को अपने वरिष्ठ की मंजूरी लेनी होती है और यह तभी होती है जब कोई संवेदनशील संदेह हो।
गैर-अमेरिकी नागरिकों को पासवर्ड देने से इनकार करने पर प्रवेश से रोका जा सकता है।
हालांकि, ग्रीन कार्ड धारकों को कानूनी सुनवाई का अधिकार है।
ACLU का सुझाव: पासवर्ड खुद एंटर करें, अधिकारी को न दें, और बाद में बदल दें।
✦ CBP अधिकारी का नाम और बैज नंबर नोट करें।
✦ पूछे गए सवालों का रिकॉर्ड रखें, अगर संभव हो तो इंटरव्यू की ट्रांसक्रिप्ट की कॉपी मांगें।
✦ डिवाइस जब्त होने पर फॉर्म 6051-D की रसीद लेना न भूलें।
✔ कम से कम डेटा वाला डिवाइस रखें – व्यक्तिगत जानकारी सीमित रखें।
✔ सेंसिटिव ऐप्स से लॉगआउट करें – ऑटो-लॉगिन बंद कर दें।
✔ बैकअप बनाएं – जरूरी फाइलें क्लाउड या हार्ड ड्राइव में सेव करें।
✔ डिवाइस की सुरक्षा जांच करें – वापसी के बाद डिवाइस को एंटीवायरस या सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर से स्कैन करें।
पैनिक न करें – रसीद जरूर लें, जिसमें लिखा हो कि कौन-कौन सी वस्तुएं जब्त की गई हैं।
CBP अधिकारी डिवाइस को 5 दिन तक रख सकते हैं, कुछ मामलों में 7 दिन तक।
ACLU के अनुसार, डाटा कॉपी किए जाने के बाद 21 दिनों में नष्ट कर दिया जाता है, लेकिन पूछताछ के नोट्स संरक्षित रह सकते हैं। America :