ईरान से तनाव या संभावित युद्ध की स्थिति में अमेरिका के कुछ बेहद घातक हथियारों का जिÞक्र होता रहा है। कई तरह के मिसाइल के साथ घातक बमों का जखीरा अमेरिका के पास है। इसके साथ ही उसके पास एक बम एैसा भी है जिसे बमों का बाप कहते हैं।

Iran–United States War : ईरान से तनाव या संभावित युद्ध की स्थिति में अमेरिका के कुछ बेहद घातक हथियारों का जिक्र होता रहा है। कई तरह के मिसाइल के साथ घातक बमों का जखीरा अमेरिका के पास है। इसके साथ ही उसके पास एक बम एैसा भी है जिसे बमों का बाप कहते हैं। अगर अमेरिका उसका इस्तेमाल करता है तो ईरान में भारी तबाही होगी, साथ ही जान माल का नुकसान भी होना तय है। अमेरिका में जिन बमों की गूंज है उनमें प्रमुख हैं,जैसे:
* लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल
* समुद्र (नौसेना जहाज/सबमरीन) से लॉन्च होती है
* सटीक निशाना लगाने के लिए जानी जाती है।
इसका इस्तेमाल अमेरिका पहले कई युद्धों (इराक, सीरिया) में कर चुका है।
* स्टेल्थ (रडार से बचने वाली) मिसाइल
* लड़ाकू विमानों से छोड़ी जाती है
* 900+ किमी तक मार कर सकती है।
यह दुश्मन के एयर डिफेंस को चकमा देने के लिए डिजाइन की गई है।
* 30,000 पाउंड (करीब 13,600 किग्रा) का भारी बम
* जमीन के अंदर गहरे बंकर/न्यूक्लियर साइट्स को नष्ट करने के लिए
* केवल इ-2 स्टेल्थ बॉम्बर से गिराया जाता है।
ईरान के अंडरग्राउंड न्यूक्लियर ठिकानों के लिए इसे खास माना जाता है।
आर्टिकल में जिस क्लस्टर बम के बाप की बात हो रही है, वह आमतौर पर इन श्रेणियों से जुड़ा होता है।
मासिव आर्डिनेंस एयर ब्लास्ट(एमओएबी):
* इसे मदर आॅफ आॅल बाम्ब्स भी कहा जाता है
* 11 टन का विस्फोटक
* बड़े इलाके में भारी तबाही।
अमेरिका ने इसे 2017 में अफगानिस्तान में इस्तेमाल किया था।
* एक बम में सैकड़ों छोटे बम (सबम्यूनिसंस) होते हैं
* बड़े एरिया में फैलकर विस्फोट करते हैं
* लेकिन नागरिक नुकसान के कारण इन पर अंतरराष्ट्रीय विवाद है।
1. राजनीतिक जोखिम सीधे बड़े हथियार इस्तेमाल करना युद्ध को और भड़का सकता है
2. अंतरराष्ट्रीय कानून और दबाव खासकर क्लस्टर बम पर
3. रणनीतिक संतुलन अमेरिका अक्सर डिटरेंस (डर बनाए रखना) की नीति अपनाता है
4. ईरान की जवाबी ताकत मिसाइल और प्रॉक्सी नेटवर्क।