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Imran Khan News: यह नया खुलासा बहुत महत्वपूर्ण है। यह इमरान खान के उस दावे को सही ठहराता जो उन्होंने सरकार गिरने के बाद किया था।

Pakistan News:अप्रैल 2022 में तत्कालीन पाकिस्ताी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होने से इमरान खान को पीएम पद छोड़ना पड़ा था। अब लीक डिप्लोमेटिक केबल से खुलासा हुआ है कि इसके पीछे अमेरिका था। खोजी पत्रकारिता करने वाली 'ड्रॉप साइट' ने उस मूल दस्तावेज को प्रकाशित किया है जिसे 'साइफर' के नाम से जाना जाता है।
यह साइफ़र इस बात की ओर इशारा करता है कि आखिर किन वजहों से उनके खिलाफ इतना बड़ा विद्रोह हुआ था। इसमें मार्च 2022 में अमेरिका में तत्कालीन पाकिस्तानी राजदूत असद मजीद खान और अमेरिकी राजनयिक डोनाल्ड लू के बीच हुई बातचीत का ब्योरा दर्ज है। यह बातचीत अविश्वास प्रस्ताव से लगभग एक महीना पहले हुई थी।
अब सामने आए साइफर से से संकेत मिलता है कि डोनाल्ड लू ने इमरान खान को पद से हटाने की मांग की थी, क्योंकि अमेरिका यूक्रेन के मामले में पाकिस्तान के 'आक्रामक रूप से तटस्थ रुख' से चिंतित थे।
साइफर के अनुसार, डोनाल्ड लू ने उस समय के पाकिस्तानी दूत से कहा, "मुझे लगता है कि अगर प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सफल हो जाता है, तो वॉशिंगटन में सब कुछ भुला देगा, क्योंकि रूस की यात्रा को प्रधानमंत्री के निजी फैसले के तौर पर देखा जा रहा है। अगर ऐसा नहीं होता है तो आगे का रास्ता काफी मुश्किल होगा।"
अमेरिकी राजनयिक ने कहा कि उन्हें लगता है कि इमरान खान का "यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका से अलगाव बहुत गहरा हो जाएगा।"
इमरान के मॉस्को दौरे से नाराज था अमेरिका
इमरान खान ने 23-24 फरवरी 2022 को मॉस्को का दौरा था। इस दौरे का समय यूक्रेन पर हमले के समय से मेल खाता था, जिसकी वजह से अमेरिका में लोगों की भौंहें तन गई थीं। रूस ने यूक्रेन पर 24 फरवरी को हमला किया था।
हालांकि साइफर से पता चलता है कि राजदूत असद मजीद खान ने दावा किया कि इमरान खान को मॉस्को दौरे का "साफ़ तौर पर अफ़सोस" था। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा पूरी तरह से द्विपक्षीय संदर्भ में था और इसे यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस की कार्रवाई का समर्थन या उसे सही ठहराना नहीं माना जाना चाहिए।
असद मजीद खान ने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री की यात्रा यूक्रेन पर आक्रमण से पहले ही तय हो गई थी और यूक्रेन को लेकर जो रुख अपनाया गया था, वह संस्थागत रूप से तय किया गया था—न कि इमरान खान द्वारा व्यक्तिगत तौर पर।
इस दस्तावेज़ से यह भी पता चलता है कि अमेरिकी राजनयिक ने पाकिस्तान में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल का हवाला देते हुए, लगातार बातचीत जारी रखने की पाकिस्तान की अपीलों को ठुकरा दिया।
क्यों अहम है यह नया खुलासा?
यह नया खुलासा बहुत महत्वपूर्ण है। यह इमरान खान के उस दावे को सही ठहराता जो उन्होंने सरकार गिरने के बाद किया था। उन्होंने दावा किया था कि उनकी सरकार गिराने के पीछे अमेरिका था क्योंकि वाशिंगटन को पाकिस्तान की आजाद विदेश पंसद नहीं थी। खान ने यह भी दावा किया कि उन्हें असद मजीद खान से एक केबल मिला था, जिसमें डोनाल्ड लू के साथ उनकी बातचीत का ज़िक्र था।
इमरान खान इस समय पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद हैं। वे लंबे समय से एकांत कारावास में रखे जाने का हवाला देते हुए, मानवीय और दयालुता के आधार पर अपनी रिहाई की मांग कर रहे हैं।
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