
चुनाव से पहले 4 नवंबर को एक रैली में ट्रंप ने अमेरिकी ज़मीन पर रह रहे सभी अवैध प्रवासियों को हटाने के लिए 1798 के एलियन एनेमी एक्ट को लागू करने का वादा किया। उनका दावा था कि यह कानून उन्हें अवैध प्रवासियों और ड्रग डीलरों को खदेड़ने के लिए अतिरिक्त अधिकार देगा। ट्रंप ने कई बार यह वादा दोहराया, और माना जा रहा है कि 20 जनवरी को पदभार संभालने के बाद वह इस पर काम शुरू करेंगे।
माना जा रहा है कि ट्रंप राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद, 20 जनवरी से अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करने की योजना पर काम शुरू करेंगे। ट्रंप ने इस योजना को वास्तविकता में बदलने के लिए टॉम होमन की नियुक्ति भी कर दी है। इसे 'मास डिपोर्टेशन' का नाम दिया गया है, जो अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर की जाने वाली कार्रवाई को दर्शाता है।
1798 में राष्ट्रपति जॉन एडम्स द्वारा लाए गए इस कानून को दो परिस्थितियों में लागू किया जा सकता है:
यह कानून विशेष रूप से विदेशी दुश्मनों के खिलाफ लागू होता है और संदिग्ध प्रवासियों को डिपोर्ट करने का अधिकार देता है।
ट्रंप ने इस कानून को चुनने का कारण बताया कि यह उन्हें मजबूत कानूनी अधिकार प्रदान करता है और इसके तहत डिपोर्ट किए जाने वाले लोग अदालत में चुनौती नहीं दे सकते। जानकार मानते हैं कि ट्रंप नहीं चाहते कि उनका डिपोर्टेशन प्लान अदालतों में उलझे, जिससे मामले लंबित रह सकते हैं।
प्यू रिसर्च के अनुसार, अमेरिका में 1 करोड़ से अधिक अवैध प्रवासी हैं। 90 के दशक में यह संख्या लगभग 35 लाख थी, जो 2022 के अंत तक बढ़कर 1.10 करोड़ से अधिक हो गई। 2019 से 2022 के बीच फ्लोरिडा, मैरीलैंड, मैसाचुएट्स, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क और टेक्सास में अवैध प्रवासियों की संख्या बढ़ी है।
यह कानून ऐसे सभी गैर-अमेरिकी नागरिकों पर लागू होगा जो बिना दस्तावेजों के या अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं। इसके तहत इन सभी को 'विदेशी दुश्मन' करार दिया जा सकता है और उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है या डिपोर्ट किया जा सकता है।