सठिया गया है अमेरिकी बुड्ढा डोनाल्ड ट्रंप, हुआ बड़ा खुलासा
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 10:56 AM
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) सठिया गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप की उम्र 79 साल की है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उम्र बुढ़ापे में सठियाने वाली उम्र है। डोनाल्ड ट्रंप सठिया गया है इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि डोनाल्ड ट्रंप अपनी गलत नीतियों के कारण अपने देश अमेरिका को ही मुसीबत में डाल रहा है। जब कोई व्यक्ति पेड़ की उसी डाल को काटता है जिस डाल पर वह बैठा होता है तो उसका साफ मतलब निकलता है कि वह व्यक्ति मानसिक रूप तथा भावनात्मक रूप से कमजोर हो गया है। दुनिया भर के विशेषज्ञों का मत है कि डोनाल्ड ट्रंप विभिन्न देशों के ऊपर अनाप-शनाप टैरिफ लगाकर अमेरिका का बहुत बड़ा नुकसान कर रहा है। Donald Trump
बुढ़ापे में सठिया जाना बहुत आम समस्या है
अमेरिका का बुड्ढा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुढापे में सठिया गया है। दुनिया भर में हुई खोज बताती है कि उम्र बढ़ने के कारण दिमाग की शक्ति कमजोर हो जाती है। दिमाग की शक्ति कम होने की प्रक्रिया 60 वर्ष की उम्र के बाद शुरू हो जाती है। इसी कारण इस अवस्था को आम बोलचाल की भाषा में सठियाना (60 वर्ष से ऊपर का होना) बोला जाता है। एक सर्वे रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, 60 वर्ष की उम्र के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप उल्टे-सीधे फैसले करता रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे उल्टा फैसला भारत के ऊपर 50 प्रतिशत तक का टैरिफ लागू करके किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के ऊपर हाल ही में 50 प्रतिशत तक का टैरिफ थोप दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के विरूद्ध यह कार्यवाही करके भारत तथा अमेरकिा के रिश्तों को बिगाड़ दिया है। इस बिगाड़ के बाद भारत ने अमेरिका में सबसे बड़े दुश्मन चीन के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया है। इस पूरी प्रक्रिया के कारण डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ही देश का बड़ा भारी कूटनीतिज्ञ नुकसान कर दिया है।
वर्ष-2019 से शुरू कर दिया था ट्रंप ने भारत विरोधी अभियान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत विरोधी रूख नया नहीं है। वर्ष-2019 से डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत का विरोधी बना हुआ है। दुनिया भर के विशलेषकों का स्पष्ट मत है कि भारत के ऊपर उल्टा-सीधा टैरिफ लगाने के पीछे डोनाल्ड ट्रंप का सठियाना ही है। भारत जैसे देश के ऊपर गलत टैरिफ थोपकर डोनाल्ड ट्रंप इतने महान देश पर द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) थोपना चाहता है। दुनिया जानती है कि भारत इस दबाव में आने वाला देश नहीं है। आपको बता दें कि ट्रंप ने अक्तूबर 2019 में भारत को टैरिफ किंग करार दिया था और कहा था कि भारत अपने सामानों पर बहुत ज्यादा शुल्क वसूलता है। सितंबर 2024 में भारत को टैरिफ का दुरुपयोग करने वाला बताया। ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद व्हाइट हाउस ने 7 अगस्त से भारत पर प्रभावी 25 प्रतिशत टैरिफ का आदेश जारी 'किया। फिर रूसी तेल खरीदने के कारण 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया, जिससे टैरिफ बढक़र 50 प्रतिशत पर पहुंच गया। हालांकि यह 27 अगस्त से लागू होगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ प्लान का भारत पर असर जरूर पड़ेगा
डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ प्लॉन का भारत पर असर जरूर पड़ेगा। यहां हम छोटे से उदाहरण से समझ सकते हैं कि भारत के ऊपर डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ का जिस प्रकार से असर पड़ेगा। एक उदाहरण देते हुए समुद्री खाद्य निर्यातक योगेश गुप्ता का मान है कि अमेरिकी बाजार में भारत की झींगा मछली-महंगी हो जाएगी। भारतीय वेस्त्र उद्योग परिसंघ इसे कपड़ा उद्योग के लिए बड़ा झटका मान रहा है। इसके संस्थापक अजय श्रीवास्तव का कहना है कि अमेरिका में भारतीय सामान महंगा हो जाएगा। इससे भारत से होने वाले निर्यात में 40-50 प्रतिशत की कमी आने के आसार हैं। भारतीय निर्यात संगठनों का महासंघ (फियो) का मानना है कि इसका असर अमेरिका को होने वाले भारत के 55 प्रतिशत निर्यात पर पड़ेगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के ऊपर जो टैरिफ थोपा है उससे ब्राजील के साथ-साथ भारत पर सबसे ज्यादा 50 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा। ये भारत के प्रतिस्पर्धी देशों को अमेरिकी बाजार में बेहतर स्थिति में ला सकता है, क्योंकि उन पर कम टैरिफ लागू है। इससे म्यांमार (40 प्रतिशत), थाईलैंड व कंबोडिया (36 प्रतिशत), बांग्लादेश (35 प्रतिशत), इंडोनेशिया (32 प्रतिशत), चीन और श्रीलंका (30 प्रतिशत), मलयेशिया (25 प्रतिशत), फिलीपीन और वियतनाम (दोनों 20प्रतिशत) को फायदा हो सकता है। 7 अगस्त से अमेरिका पहुंचने वाले भारतीय सामानों पर 25 प्रतिशत (10 प्रतिशत बेसलाइन टैरिफ सहित) और एमएफन (सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र) दरों के साथ ही व्यापार उपाय दरें भी लागू होंगी। बतौर उदाहरण, भारत के झींगा निर्यात पर शून्य एमएफएन है। लेकिन इस पर 2.49 प्रतिशत एंटी-डंपिंग और -5.77 प्रतिशत प्रतिकारी शुल्क (अमेरिकी व्यापार उपाय) लगता है। 7 अगस्त से झींगा पर 33:26 प्रतिशत शुल्क (25 प्रतिशत+ 2.49 प्रतिशत + 5.77 प्रतिशत) लगेगा।
आपको यह भी बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ पर टैरिफ भी थोपा है। अमेरिका ने तीन श्रेणियों पर क्षेत्र-विशिष्ट टैरिफ भी लगाए हैं-स्टील और एल्युमीनियम (50 प्रतिशत), तांबा (50 प्रतिशत) और ऑटो पार्ट्स (25 प्रतिशत)। ये भी अतिरिक्त शुल्क हैं। यानी कोई शुल्क लगता है तो ये उससे अतिरिक्त होंगे। थिंक टैंक जीटीआरआई के मुताबिक, 50त्न का उच्च टैरिफ तैयार दवाओं, सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) और अन्य प्रमुख दवा इनपुट; कच्चे तेल जैसे ऊर्जा उत्पाद, परिष्कृत ईंधन, प्राकृतिक गैस, कोयला एवं बिजली; महत्वपूर्ण खनिज, और कंप्यूटर, टैबलेट, स्मार्टफोन, फ्लैट पैनल डिस्प्ले और इंटीग्रेटेड सर्किट पर लागू नहीं होगा। कपड़ा/ परिधान, रत्न और आभूषण, झींगा, चमड़ा एवं जूते, रसायन और विद्युत एवं यांत्रिक मशीनरी।