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मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक और चिंताजनक खबर सामने आई है। ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट एक व्यावसायिक जहाज पर हमले की सूचना मिली है।

Middle East Crisis : मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक और चिंताजनक खबर सामने आई है। ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट एक व्यावसायिक जहाज पर हमले की सूचना मिली है। बताया जा रहा है कि एमटी जलवीर नामक इस जहाज पर करीब 20 भारतीय नाविक सवार हैं। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं तथा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
Middle East Crisis
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि शिनास तट के निकट एक जहाज से जुड़ी घटना की जानकारी मिली है। दूतावास स्थानीय प्रशासन और समुद्री अधिकारियों के संपर्क में है ताकि घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा सके। फिलहाल जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों की स्थिति को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। अभी तक चार नाविकों के मरने की सूचना मिल चुकी है।
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सूत्रों के अनुसार एमटी जलवीर पर लगभग 20 भारतीय नागरिक सवार हैं। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने या घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार बीते तीन दिनों में यह तीसरी ऐसी घटना है, जिसमें किसी व्यावसायिक जहाज को निशाना बनाया गया है।
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हाल के दिनों में इसी क्षेत्र में एक अन्य जहाज पर हुए हमले में भारतीय नाविकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार होर्मुज के निकट एक टैंकर पर हुए हमले में भारतीय नाविकों की मौत और कई अन्य के लापता होने की खबर सामने आई थी। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। स्ट्रेट आफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। भारत सरकार ने अभी तक इस घटना को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन भारतीय दूतावास और संबंधित मंत्रालय लगातार ओमान प्रशासन के संपर्क में हैं। जहाज और उस पर सवार भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस घटना से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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