“तिरंगा कंधे पर है, आप सब साथ हैं”- स्पेस से शुभांशु का देश को पहला संदेश
भारत
चेतना मंच
27 Nov 2025 06:57 PM
Axiom-4 Mission : तिरंगा अंतरिक्ष में41 साल बाद एक बार फिर लहराया है। भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर शुभांशु शुक्ला अब आधिकारिक रूप से दुनिया के 634वें एस्ट्रोनॉट बन गए हैं। उन्होंने Axiom-4 मिशन के तहत फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरते हुए 28 घंटे की रोमांचक यात्रा के बाद इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर कदम रखा।
"यहां आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है…"
ISS पर पहुंचते ही शुभांशु का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया गया। वहां से अपने पहले संदेश में उन्होंने कहा, "यहां आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मैं 634वां अंतरिक्ष यात्री हूं और यह अहसास बेहद खास है। अगले 14 दिन बेहद एक्साइटिंग होने वाले हैं।" उन्होंने बताया कि, यात्रा के बाद अभी थोड़ा सर भारी लग रहा है, शरीर थोड़ा असहज है लेकिन ये सब छोटी बातें हैं। कुछ ही समय में सब कुछ सामान्य हो जाएगा।
देश के नाम शुभकामनाओं से भरा संदेश
शुभांशु ने अपने पहले संदेश में देशवासियों को याद करते हुए कहा, "मेरे प्यारे देशवासियों, आपके प्यार और आशीर्वाद से मैं सुरक्षित इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंच चुका हूं। यहां खड़े होना जितना आसान दिखता है, उतना है नहीं लेकिन दिल में जोश है और कंधे पर तिरंगा है। जब मैं तिरंगा उठाता हूं, मुझे महसूस होता है कि मैं अकेला नहीं हूं… आप सब मेरे साथ हैं।" इस मिशन के दौरान शुभांशु और उनकी टीम 14 दिनों तक ISS पर रहकर करीब 60 वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। इस ऐतिहासिक मिशन को NASA, SpaceX और ISRO के सहयोग से अंजाम दिया गया है।
1984 के बाद फिर अंतरिक्ष में भारत
भारत के लिए यह पल इसलिए भी खास है क्योंकि 1984 में राकेश शर्मा के बाद पहली बार कोई भारतीय इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक पहुंचा है। शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय और ISS पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
कौन हैं शुभांशु शुक्ला?
शुभांशु भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन कमांडर हैं। उनके पास 2000 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है। Axiom-4 मिशन के तहत वे 25 जून को स्पेस के लिए रवाना हुए। उनके साथ इस मिशन में तीन और एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं। अपने संदेश में शुभांशु ने कहा, "41 साल बाद हम फिर अंतरिक्ष में हैं। यह सिर्फ मेरा मिशन नहीं, पूरे भारत का सपना है। यह सफर मेरे लिए नहीं, हम सबके लिए है। चलिए, इसे मिलकर एक्साइटिंग बनाते हैं!" Shubhanshu Shukla