
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्वतंत्रता की मांग को लेकर सक्रिय दो प्रमुख सशस्त्र संगठन – बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) – ने हालिया दिनों में देश की सेना और उसके रसद तंत्र पर किए गए हमलों की जिम्मेदारी ली है। Balochistan
'द बलूचिस्तान पोस्ट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने बयान जारी कर कहा कि संगठन के लड़ाकों ने जमुरान, धादर और मस्तुंग जिलों में कुल पांच अलग-अलग स्थानों पर हमले किए। इनमें से एक हमला रविवार को जमुरान के जबशान इलाके में हुआ, जहां सेना के जवानों पर रिमोट-नियंत्रित आईईडी से हमला किया गया। इस हमले में दो सैनिक घायल हुए, जो पानी की आपूर्ति के लिए अपनी चौकी जा रहे थे। Balochistan
BLA ने आगे बताया कि धादर के सुन्नी शोरान क्षेत्र में सेना के एक बड़े शिविर के प्रवेश द्वार पर तैनात सैनिकों को निशाना बनाया गया, जहां कई जवान हताहत हुए। संगठन का दावा है कि इसके बाद सेना ने नागरिक इलाकों पर मोर्टार दागे, जिससे आमजन में दहशत फैल गई।
मस्तुंग के गुलाम परांज में संगठन ने खनिजों का दोहन कर रहे दो ट्रकों पर हमला किया। हालांकि, चेतावनी के बाद ट्रक चालकों को छोड़ दिया गया। इसके अलावा, स्पिलिंजी के माराओ इलाके में सेना के राशन ले जा रहे दो ट्रकों को जब्त कर लिया गया, जबकि तिगरान के अब्दोई में एक और सप्लाई ट्रक को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। BLA प्रवक्ता ने सभी ट्रांसपोर्टरों को चेतावनी दी है कि वे सेना के लिए सामान या खनिज ढोने से परहेज़ करें, अन्यथा भविष्य में और कठोर कदम उठाए जाएंगे।
इसी क्रम में, बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने भी एक ताजा हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन के प्रवक्ता मेजर ग्वाराम बलूच ने कहा कि 1 अगस्त को ग्वादर के कुंडासोल के सब्जकी क्षेत्र में एक पाकिस्तानी सैन्य शिविर को निशाना बनाते हुए कई मोर्टार दागे गए। गोले सीधे शिविर के भीतर गिरे और भारी जनहानि हुई। मेजर ग्वाराम बलूच ने बयान में कहा, "यह हमला पाकिस्तान की बलूचिस्तान पर अवैध क़ब्ज़े के विरोध में किया गया है, और यह तब तक जारी रहेगा जब तक बलूच जनता को उनका हक़ नहीं मिल जाता।" हालांकि, पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से अभी तक इन घटनाओं को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, जिससे क्षेत्र में सस्पेंस और बढ़ गया है। Balochistan