
बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने अमेरिका द्वारा बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी विशेष इकाई मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) घोषित करने के निर्णय की कड़ी आलोचना की है। संगठन का कहना है कि यह कदम पाकिस्तान के सरकारी रुख का प्रतिबिंब है और बलूचिस्तान की असली तस्वीर को पूरी तरह नज़रअंदाज़ करता है। Hindi News
‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ के मुताबिक, बीते सोमवार अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बीएलए और मजीद ब्रिगेड को एफटीओ सूची में शामिल किया। इस फैसले के साथ अमेरिका में इन संगठनों को किसी भी प्रकार की वित्तीय या लॉजिस्टिक मदद देना अपराध माना जाएगा। उनके सभी आर्थिक संसाधनों और संपत्तियों पर रोक लगा दी गई है और सदस्यों के यात्रा अधिकार भी सीमित कर दिए गए हैं। पाकिस्तान ने इस अमेरिकी कार्रवाई का स्वागत किया है।
बीआरजी के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने बयान जारी कर कहा कि “महाशक्ति कहलाने वाले अमेरिका को ऐसे फैसलों से पहले जमीनी सच्चाइयों की पड़ताल करनी चाहिए। मजीद ब्रिगेड बलूच स्वतंत्रता संघर्ष का हिस्सा है और बलूच समाज उसे अपना रक्षक तथा पाकिस्तान के जबरन कब्जे के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने वाले नायक के रूप में देखता है।”
उन्होंने पाकिस्तान पर संसाधनों की लूट का आरोप लगाते हुए कहा कि बलूच जनता का अपने प्राकृतिक संसाधनों पर पूरा अधिकार है, लेकिन इस्लामाबाद उन्हें लगातार विदेशी ताकतों को बेचता आ रहा है। दोस्तैन बलूच ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगाह किया कि बलूच आंदोलन को आतंकवाद से जोड़ना ऐतिहासिक अन्याय होगा। प्रवक्ता ने साफ किया कि बलूच किसी विदेशी राष्ट्र के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उनका संघर्ष केवल उन शक्तियों से है जो पाकिस्तान के साथ मिलकर बलूचिस्तान के संसाधनों के दोहन में शामिल हैं। उनका आरोप था कि अमेरिका ने बीएलए को आतंकवादी संगठन ठहराने का निर्णय पाकिस्तान के “दुष्प्रचार” के आधार पर लिया है, जो न केवल पक्षपाती है बल्कि वास्तविकता से कोसों दूर भी है। Hindi News