
बलोचिस्तान के बोलन जिले की माछ तहसील में मंगलवार को एक कोयला खदान में हुए हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा प्रबंधन की खामियों को उजागर कर दिया। दिगारी इलाके की खदान में अचानक जहरीली गैस भर जाने से तीन मजदूरों की मौके पर ही दम घुटने से मौत हो गई। Balochistan News
द बलोचिस्तान पोस्ट के मुताबिक, मृतक मजदूर क्वेटा के हजारा टाउन और आलमदार रोड के रहने वाले थे। घटना के बाद प्रशासन, बचाव दल और खनन विभाग के अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। खान एवं खनिज विभाग के मुख्य निरीक्षक अब्दुल गनी ने भी प्रारंभिक कारणों की समीक्षा की। बलोचिस्तान की कोयला खदानों में इस तरह की त्रासदियां लगातार सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खनन क्षेत्र में सुरक्षा उपाय बेहद कमजोर हैं, जिसकी वजह से हर साल सैकड़ों मजदूर अपनी जान गंवाते हैं। हादसों पर शोक जताने से आगे बढ़कर सुधार की दिशा में अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
आधिकारिक अनुमान बताते हैं कि क्वेटा, बोलन, हरनाई, लोरालाई और डुकी जैसे कोयला-समृद्ध जिलों में 256 मिलियन टन से अधिक कोयला भंडार मौजूद है। वहीं पाकिस्तान सेंट्रल माइंस लेबर फेडरेशन का कहना है कि पूरे बलोचिस्तान में करीब एक लाख से अधिक मजदूर खनन कार्य में लगे हुए हैं। बार-बार होने वाले हादसे इस ओर इशारा करते हैं कि इन श्रमिकों की जिंदगी आज भी बेहद असुरक्षित है।
Balochistan News