
Canada News : कनाडा सरकार ने आखिरकार वह कदम उठा लिया जिसकी आशंका लंबे समय से जताई जा रही थी। डिजिटल कर को लेकर लंबे समय से जारी असमंजस अब खत्म हो गई है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने रविवार देर रात डिजिटल सेवा कर (DST) को रद्द करने का ऐलान करते हुए स्पष्ट संकेत दे दिया कि आर्थिक कूटनीति में तात्कालिक व्यापारिक रिश्ते, कर न्याय से भारी पड़ सकते हैं। अमेजन, गूगल, मेटा, उबर और एयरबीएनबी जैसी बड़ी अमेरिकी कंपनियों पर लगने वाला यह टैक्स हर महीने अरबों डॉलर के बोझ में तब्दील हो सकता था, जिसे ट्रंप प्रशासन ने खुले तौर पर ‘अस्वीकार्य’ करार दिया था।
CNBC की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब अमेरिका ने कनाडा के साथ व्यापारिक वार्ताओं को निलंबित करने की धमकी दी थी। प्रधानमंत्री कार्नी ने कर को लागू होने से ठीक एक दिन पहले वापस ले लिया, जिससे संकेत मिलता है कि सरकार अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को प्राथमिकता देना चाहती है। अपने आधिकारिक बयान में प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा, हमारा यह निर्णय जुलाई 2025 में कनानास्किस में प्रस्तावित जी-7 सम्मेलन से पहले अमेरिका के साथ सकारात्मक संवाद की संभावनाओं को बल देगा।
वित्त मंत्री फ्रेंकोइस-फिलिप शैम्पेन ने भी स्पष्ट किया कि यह कदम अमेरिका के साथ आर्थिक और रणनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है। नीति में यह बदलाव अप्रत्याशित है, क्योंकि कुछ ही सप्ताह पहले कनाडाई प्रशासन ने संकेत दिया था कि वे अमेरिकी दबाव के बावजूद डिजिटल सेवा कर को लागू करने से पीछे नहीं हटेंगे। इस कर को सबसे पहले वर्ष 2020 में वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में कराधान अंतर को पाटने के उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया था।
कनाडा और अमेरिका के बीच संबंध ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। ट्रंप ने न केवल कनाडा की व्यापारिक नीतियों की आलोचना की, बल्कि सार्वजनिक मंचों पर यह तक कहा कि कनाडा को अमेरिका का एक राज्य बना देना चाहिए। उनके कार्यकाल में कनाडा को स्टील और एल्युमिनियम पर 50 प्रतिशत तथा ऑटोमोबाइल सेक्टर पर 25 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ का सामना करना पड़ा। हालांकि इन टैरिफ पर अस्थायी रूप से 9 जुलाई तक रोक लगी है, लेकिन कनाडा और मैक्सिको जैसे सहयोगी देश अब भी विविध दरों वाले शुल्क के दबाव में हैं। Canada News