
China News : कभी मेगा डैम परियोजनाओं के जरिए जलविद्युत उत्पादन का वैश्विक मॉडल माने जाने वाला चीन अब अपनी नदियों की पारिस्थितिकी की कीमत पर की गई विकास दौड़ की भारी कीमत चुका रहा है। वर्षों की पर्यावरणीय अनदेखी और जल संसाधनों के अति-शोषण ने चीन को एक ऐतिहासिक निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया है — 300 बांधों को तोड़ा गया है और 342 जल विद्युत संयंत्रों को बंद कर दिया गया है। यह कदम चीन की दक्षिण-पश्चिमी सीमा से गुजरने वाली चिशुई हे या ‘रेड रिवर’ की इकोलॉजी को पुनर्जीवित करने के इरादे से उठाया गया है। यह नदी यांग्त्ज़ी की एक महत्वपूर्ण सहायक है, और इसे वहां की दुर्लभ मछली प्रजातियों के लिए ‘अंतिम सुरक्षित ठिकाना’ माना जाता है।
चीन में बीते कुछ दशकों में जलविद्युत उत्पादन की होड़ में सैकड़ों डैम बनाए गए। इन परियोजनाओं ने शुरुआती वर्षों में विकास की तस्वीर तो चमकाई, लेकिन लंबी अवधि में जल प्रवाह की प्रकृति को ही विकृत कर दिया। शिन्हुआ एजेंसी के अनुसार, चिशुई हे पर बने 357 बांधों में से 300 को दिसंबर 2024 तक हटाया जा चुका है। इसी क्षेत्र में मौजूद 373 छोटे हाइड्रो पावर प्लांट्स में से 342 संयंत्र बंद कर दिए गए हैं। पर्यावरणीय चिंताओं के आधार पर यह अब तक का सबसे बड़ा ‘डिकमीशनिंग’ अभियान माना जा रहा है।
6,300 किलोमीटर लंबी यांग्त्ज़ी नदी — जिसे चीन में चांग जियांग कहा जाता है — केवल भूगोल नहीं, बल्कि पूरे चीनी समाज का आर्थिक और सांस्कृतिक मेरुदंड है। तिब्बत के पर्वतीय क्षेत्र से निकलकर यह पूर्वी चीन सागर तक जाती है और थ्री गॉर्जेस डैम जैसी विश्व की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं की मेज़बानी करती है। परंतु यही यांग्त्ज़ी अब अति-निर्माण की वजह से जलीय संकट में है। सहायक नदियों पर बने बेतरतीब बांधों ने न केवल जलचक्र को अवरुद्ध किया, बल्कि जलजीवों की जीवन-प्रणालियों को भी नष्ट कर दिया है।
एक समय यांग्त्ज़ी में पाई जाने वाली स्टर्जन और चीनी पैडलफ़िश जैसी प्रजातियां यहां की जैव विविधता की पहचान थीं। लेकिन 2022 में IUCN ने स्टर्जन को विलुप्त घोषित कर दिया। शिन्हुआ की रिपोर्ट बताती है कि 2000 के बाद से यांग्त्ज़ी में एक भी युवा स्टर्जन नहीं देखी गई थी। हालांकि अब, डैम हटाए जाने और प्रवाह पुनर्स्थापना के बाद वैज्ञानिकों को इन मछलियों की वापसी के संकेत मिलने लगे हैं। चीनी विज्ञान अकादमी के हाइड्रोबायोलॉजी संस्थान के शोधकर्ता इसे "प्राकृतिक पुनर्नवीकरण का दौर" मान रहे हैं।
2020 में चीन ने यांग्त्ज़ी बेसिन में 10 वर्षों के लिए मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाया। साथ ही, छोटे जलविद्युत संयंत्रों की समीक्षा और नियंत्रण के लिए विशेष नीतिगत निर्देश जारी किए। 2021 तक सिचुआन प्रांत ने अपने 5,131 में से 1,223 छोटे पावर प्लांट्स को बंद कर दिया या जैव विविधता मानकों के अनुसार संशोधित किया। इसके अतिरिक्त, नदियों में रेत खनन पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए ताकि मछलियों के आवास सुरक्षित रह सकें। China News