शेख हसीना ने अमेरिका-पाक पर लगाया तख्तापलट की साजिश करने का आरोप, यूनुस बना मोहरा
भारत
चेतना मंच
02 Nov 2025 05:00 PM
देश छोड़ने के बाद पहली बार बोलीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना। यह छात्र आंदोलन नहीं बल्कि विदेशी आतंकी हमला था, जिसका मकसद था उन्हें सत्ता से हटाना। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश छोड़ने के बाद पहली बार चुप्पी तोड़ी है। हसीना ने कहा कि पिछले साल उनके खिलाफ हुआ छात्र आंदोलन दरअसल अमेरिका और पाकिस्तान की ओर से रचा गया आतंकी हमला था, जिसे जनविद्रोह का नाम देकर पेश किया गया। हसीना ने आरोप लगाया कि यह सब कुछ उन्हें सत्ता से बेदखल करने की विदेशी साजिश का हिस्सा था। उन्होंने कहा, इसे क्रांति मत कहो! यह बांग्लादेश पर आतंकी हमला था। अमेरिका ने योजना बनाई और पाकिस्तान ने उसे अंजाम दिया। छात्रों के विद्रोह की आड़ में मुझे सत्ता से हटाने की साजिश रची गई। हसीना के मुताबिक, जिन हत्याओं का दोष उनकी सरकार पर डाला गया, वे पुलिस नहीं बल्कि आतंकियों ने की थीं ताकि जनता को उनके खिलाफ भड़काया जा सके। Coup plot :
मोहम्मद यूनुस पर साजिश का आरोप
हसीना ने नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यूनुस ने अमेरिका के इशारे पर सत्ता पलट की साजिश रची। तुम जानते हो, इस सबके पीछे असली व्यक्ति कौन है? वो यूनुस है। अमेरिकन मुझसे सेंट मार्टिन द्वीप चाहते थे। शेख हसीना ने कहा कि अगर मैं मान जाती तो मुझे सत्ता से नहीं हटाया जाता। लेकिन मैंने अपना देश बेचने से इनकार कर दिया। पूर्व प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि यूनुस ने अमेरिका के कहने पर जुलाई-अगस्त 2024 में बांग्लादेश पर आतंकी हमले की योजना, फंडिंग और क्रियान्वयन किया। उन्होंने कहा कि यूनुस एक धोखेबाज हैं, जिन्होंने अपनी महत्वाकांक्षा के लिए अपने ही देश को बर्बाद कर दिया।
पाकिस्तान पर भी साधा निशाना
हसीना ने कहा कि पाकिस्तान की कट्टरपंथी ताकतें 1971 से ही बांग्लादेश में चरमपंथी नेटवर्क को समर्थन देती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ढाका में हुए तख्तापलट में भी इन ताकतों का हाथ था। हसीना के देश छोड़ने के बाद, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार ने उनकी पार्टी अवामी लीग की गतिविधियां निलंबित कर दीं। मई 2025 में चुनाव आयोग ने पार्टी का पंजीकरण भी रद कर दिया। ढाका स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-1 में हसीना के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जिसमें अभियोजन पक्ष ने उनके लिए मौत की सजा की मांग की है।
चुनाव और मौजूदा हालात
बांग्लादेश चुनाव आयोग दिसंबर की शुरुआत में आम चुनाव की तारीख घोषित कर सकता है। यूनुस ने विपक्षी और सेना के दबाव में अगले साल फरवरी तक चुनाव कराने का वादा किया है। 5 अगस्त 2024 को हसीना ने देश छोड़ा, जब विरोध प्रदर्शनों में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। यह आंदोलन नौकरी कोटे की नीति के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन जल्दी ही सरकार विरोधी राष्ट्रव्यापी आंदोलन में बदल गया। 15 साल तक सत्ता में रहीं शेख हसीना को सेना प्रमुख वाकर-उज-जमान की सलाह पर देश छोड़ना पड़ा। बताया जाता है कि तब से वह दिल्ली में सरकारी सुरक्षा आवास में रह रही हैं।