आज फिर होगा भारत में मॉक ड्रिल, सीमा पार पाकिस्तान में सतर्कता
Delhi News
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 06:37 PM
Delhi News : भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित "आपरेशन शील्ड" के तहत आज देश के पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में व्यापक स्तर पर आपातकालीन मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित आपदा या युद्ध जैसे हालात में नागरिक प्रशासन, सुरक्षा बलों और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा करना है।
मॉक ड्रिल को लेकर पाकिस्तान में हलचल देखी जा रही
भारत की इस मॉक ड्रिल को लेकर पड़ोसी देश पाकिस्तान में हलचल देखी जा रही है। सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों में तेजी के बीच कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अपनी अग्रिम चौकियों से पीछे हटना शुरू कर दिया है। हालांकि इस संबंध में अभी तक पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सीमा पर पाकिस्तानी बलों की हलचल
सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सीमा के कुछ क्षेत्रों में पाकिस्तानी रेंजर्स की गतिविधियों में असामान्य बदलाव देखा गया है। एक भारतीय समाचार चैनल द्वारा जारी फुटेज में कुछ पाकिस्तानी सैनिकों को सीमा के निकट से हटते हुए देखा गया है। बताया जा रहा है कि ये सैनिक पास के झाड़ियों में पुन: जमावड़ा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत की सैन्य तैयारियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया हो सकता है।
पाकिस्तानी जनरल का बयान
इस बीच पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ आॅफ स्टाफ जनरल शमशाद मिर्जा ने एक बयान में स्वीकार किया है कि उनकी सेना ने सीमा से कुछ पीछे हटने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, "हम लगभग 22 अप्रैल से पहले की स्थिति में लौट आए हैं और सीमा क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति को सीमित कर रहे हैं।" उन्होंने इसे रणनीतिक दृष्टिकोण बताया।
गृहमंत्री का वक्तव्य
भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने "आॅपरेशन शील्ड" और सीमा पर भारत की स्थिति को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत की कार्रवाई से पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हुआ है। उनके अनुसार, हालिया अभियानों में पाकिस्तान की 118 से अधिक चौकियाँ क्षतिग्रस्त की गई हैं और उनकी निगरानी प्रणाली को निष्क्रिय किया गया है। शाह ने कहा कि इन चौकियों को पुन: स्थापित करने में पाकिस्तान को वर्षों लग सकते हैं।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा तंत्र की दक्षता को परखना
भारत की यह मॉक ड्रिल पूर्णत: आंतरिक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य नागरिक सुरक्षा तंत्र की दक्षता को परखना है। हालांकि इसके क्षेत्रीय प्रभावों को नजरंदाज नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में संयम और कूटनीतिक संवाद दोनों देशों के लिए आवश्यक है। दोनों देशों के बीच आज स्थिति यह है कि सीमा पर किसी भी तरह की हलचल देखते ही दोनों देश सतर्क हो जाते हैं। Delhi News