ट्रंप ने मुनीर की तारीफ की, फिर पाकिस्तानियों पर वीजा पाबंदी क्यों?

अमेरिकी प्रशासन ने एक साथ 75 देशों को अपनी नई इमिग्रेशन नीति के दायरे में रखते हुए स्थायी निवास (इमिग्रेंट वीजा) की प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया। इस सूची में पाकिस्तान भी शामिल है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब पाकिस्तानी नागरिक ग्रीन कार्ड या स्थायी बसावट के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे।

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डोनाल्ड ट्रंप और आसिम मुनीर
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Jan 2026 05:07 PM
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Visa Restrictions : डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने हाल के दिनों में पाकिस्तान में उम्मीदें जगा दी थीं। अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को खुले मंच से मेरा पसंदीदा जनरल कहना इस बात का संकेत माना गया कि वॉशिंगटन-इस्लामाबाद रिश्तों में गर्मजोशी लौट रही है। लेकिन इसी बीच अमेरिका से आया एक आदेश पाकिस्तानियों के लिए किसी झटके से कम नहीं था।

अमेरिका ने क्या फैसला लिया?

अमेरिकी प्रशासन ने एक साथ 75 देशों को अपनी नई इमिग्रेशन नीति के दायरे में रखते हुए स्थायी निवास (इमिग्रेंट वीजा) की प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया। इस सूची में पाकिस्तान भी शामिल है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब पाकिस्तानी नागरिक ग्रीन कार्ड या स्थायी बसावट के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। परिवार के आधार पर या रोजगार के जरिए मिलने वाले इमिग्रेंट वीजा फिलहाल ठप रहेंगे। हालांकि यह फैसला पर्यटन, पढ़ाई या अस्थायी कामकाज से जुड़े वीजा पर सीधे लागू नहीं होता, लेकिन उनकी जांच भी पहले से अधिक सख्त हो सकती है।

फिर ट्रंप की तारीफों का क्या मतलब?

यहां सबसे अहम बात समझने की है। ट्रंप द्वारा जनरल आसिम मुनीर की प्रशंसा एक राजनीतिक और सैन्य बयान था। इसका मकसद रणनीतिक रिश्तों और सुरक्षा सहयोग को दर्शाना था। वहीं वीजा रोकने का फैसला पूरी तरह अमेरिका की आंतरिक इमिग्रेशन नीति से जुड़ा है। यह व्यक्तिगत रिश्तों या किसी एक देश से नाराजगी का नतीजा नहीं है। अमेरिकी सरकार का तर्क है कि कुछ देशों से आने वाले आवेदकों के अमेरिका में बसने के बाद सरकारी सहायता पर निर्भर हो जाने का खतरा ज्यादा रहता है। इसी आधार पर उन्हें हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा गया है।

पाकिस्तान ही क्यों?

असल में यह फैसला केवल पाकिस्तान के लिए नहीं है। इस सूची में एशिया, अफ्रीका, मध्य-पूर्व और लैटिन अमेरिका के कई देश शामिल हैं। इसका मतलब साफ है कि यह कोई पाकिस्तान-विरोधी विशेष सजा नहीं बल्कि एक सामूहिक नीति निर्णय है। लेकिन पाकिस्तान में इसका असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है क्योंकि वहां बड़ी संख्या में लोग लंबे समय से अमेरिका में बसने का सपना देखते रहे हैं।

पाकिस्तानी जनता के लिए क्यों बड़ा झटका?

ट्रंप के हालिया रुख और बयानों के बाद पाकिस्तान में यह उम्मीद बनी थी कि अमेरिका के दरवाजे फिर से खुलेंगे। इमिग्रेशन आसान होगा। लेकिन इस आदेश ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अमेरिका में स्थायी जीवन की योजना बना रहे हजारों पाकिस्तानी परिवारों के लिए यह फैसला किसी अचानक लगे ब्रेक जैसा है। पाकिस्तान के साथ सैन्य या राजनीतिक समीकरण बेहतर होने का मतलब यह नहीं कि इमिग्रेशन नियम भी ढीले हो जाएंगे। अमेरिका का यह फैसला भावनाओं पर नहीं, बल्कि आर्थिक और प्रशासनिक गणनाओं पर आधारित है। यानी, तारीफ अपनी जगह है लेकिन अमेरिका में बसने का रास्ता फिलहाल पाकिस्तानियों के लिए बंद है।

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मक्का और मदीना का वैश्विक धार्मिक महत्व

सऊदी अरब में स्थित मक्का की ओर हर साल हज-उमरा के लिए उमड़ता सैलाब इंसान को समानता, अनुशासन और विनम्रता का सबक देता है, जबकि मदीना की फिजा में पैगम्बर मुहम्मद (स.अ.व.) की सादगी, करुणा और भाईचारे की परंपरा आज भी महसूस होती है।

मक्का मदीना
मक्का मदीना
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar15 Jan 2026 01:44 PM
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Mecca and Medina : इस्लाम की पहचान जिन दो मुकद्दस शहरों से सबसे गहराई से जुड़ी है, वे हैं मक्का और मदीना और ये दोनों ही सऊदी अरब की धरती पर आस्था के सबसे बड़े प्रकाश-स्तंभ की तरह खड़े हैं। ये शहर केवल नक्शे पर दर्ज जगहें नहीं, बल्कि करोड़ों मुसलमानों के लिए ईमान की दिशा, इतिहास की धड़कन और रूहानी सुकून का केंद्र हैं। सऊदी अरब में स्थित मक्का की ओर हर साल हज-उमरा के लिए उमड़ता सैलाब इंसान को समानता, अनुशासन और विनम्रता का सबक देता है, जबकि मदीना की फिजा में पैगम्बर मुहम्मद (स.अ.व.) की सादगी, करुणा और भाईचारे की परंपरा आज भी महसूस होती है।

मक्का का महत्व

मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है। यहीं स्थित है काबा, जिसे इस्लामी मान्यता के अनुसार हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) और उनके पुत्र हज़रत इस्माईल ने अल्लाह के आदेश पर निर्मित किया था। काबा की ओर रुख कर दुनिया भर के मुसलमान दिन में पाँच बार नमाज़ अदा करते हैं। यह एक ऐसा आध्यात्मिक धागा है जो विश्व के अलग-अलग कोनों में रहने वाले मुसलमानों को एक दिशा और एक उद्देश्य में बाँधता है। मक्का में हज का आयोजन होता है, जिसे इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक माना गया है। हर सक्षम मुस्लिम पर जीवन में एक बार हज करना फ़र्ज़ है। हर वर्ष लाखों लोग, भाषा, रंग और राष्ट्रीयता की सीमाओं से ऊपर उठकर, एक समान वस्त्र (एहराम) में मक्का पहुँचते हैं। यह दृश्य मानव समानता और विनम्रता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। मक्का का धार्मिक महत्व सिर्फ हज तक सीमित नहीं है। उमराह वर्ष भर की जा सकती है और यह भी आध्यात्मिक शांति और आत्म-शुद्धि का माध्यम मानी जाती है। आधुनिक सऊदी अरब ने मक्का में बुनियादी ढाँचे का बड़े पैमाने पर विकास किया है, ताकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

क्यों मदीना की ज़ियारत खास मानी जाती है

मदीना जिसे पहले यथ्रिब कहा जाता था, इस्लाम का दूसरा सबसे पवित्र शहर है। यहीं पैगम्बर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने मक्का से हिजरत की थी। यह घटना इस्लामी कैलेंडर की शुरुआत का आधार बनी। मदीना में पैग़ंबर मुहम्मद ने एक ऐसे समाज की स्थापना की, जिसकी नींव न्याय, सह-अस्तित्व और मानव गरिमा पर रखी गई। मदीना की पहचान है मस्जिद-ए-नबवी, जहाँ पैग़ंबर मुहम्मद की क़ब्र मुबारक स्थित है। यह मस्जिद इस्लामी इतिहास का जीवंत साक्ष्य है। कहा जाता है कि मस्जिद-ए-नबवी में अदा की गई एक नमाज़ का सवाब सामान्य स्थानों से कई गुना अधिक होता है। इसलिए हज या उमराह पर जाने वाले ज़्यादातर श्रद्धालु मदीना की ज़ियारत अवश्य करते हैं। मदीना को “शहर-ए-अमन” यानी शांति का नगर भी कहा जाता है। यहाँ पैग़ंबर मुहम्मद ने विभिन्न समुदायों के बीच आपसी समझ और सहयोग का एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया। मदीना चार्टर (संविधान) को दुनिया के शुरुआती लिखित सामाजिक समझौतों में गिना जाता है, जिसने धार्मिक सहिष्णुता और नागरिक अधिकारों की अवधारणा को मजबूती दी।

मक्का–मदीना: आध्यात्मिकता से आधुनिकता तक

आज के दौर में मक्का और मदीना आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं, लेकिन उनकी आत्मा आज भी वैसी ही पवित्र और आध्यात्मिक बनी हुई है। सऊदी अरब सरकार ने तीर्थयात्रियों के लिए स्मार्ट ट्रांसपोर्ट, डिजिटल गाइडेंस, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाया है। यह बदलाव दर्शाता है कि परंपरा और प्रगति साथ-साथ चल सकती हैं। इन शहरों का महत्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक भी है। यहाँ आने वाला हर व्यक्ति अनुशासन, सहनशीलता और सेवा की भावना का अनुभव करता है। मक्का और मदीना दुनिया को यह संदेश देते हैं कि सच्ची आस्था इंसान को बेहतर इंसान बनाती है।

वैश्विक मानवता के लिए संदेश

मक्का और मदीना का संदेश समय और सीमाओं से परे है। ये शहर समानता, एकता और शांति की बात करते हैं। हज के दौरान अमीर-गरीब, शासक-श्रमिक सभी एक ही पंक्ति में खड़े होते हैं यह दृश्य आधुनिक दुनिया को सामाजिक न्याय का सशक्त संदेश देता है। Mecca and Medina

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थाईलैंड में दर्दनाक रेल हादसा, क्रेन गिरने से पलटी ट्रेन, 22 की मौत

Thailand News: थाईलैंड में सिखियो जिले में हुए बड़े रेल हादसे में एक क्रेन गिरने से यात्री ट्रेन पटरी से उतर गई। इस दर्दनाक हादसे में 22 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हैं।

Thailand News
थाईलैंड में बड़ा हादसा
locationभारत
userअसमीना
calendar14 Jan 2026 11:27 AM
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थाईलैंड में बुधवार सुबह एक भीषण रेल हादसा हो गया जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। एक पैसेंजर ट्रेन पर अचानक क्रेन गिरने से ट्रेन पटरी से उतर गई और देखते ही देखते आग की चपेट में आ गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 22 यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य मौके पर तेजी से जारी है।

थाईलैंड के नाखोन रत्चासिमा में बड़ा हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा थाईलैंड के नाखोन रत्चासिमा प्रांत के सिखियो जिले में हुआ जो राजधानी बैंकॉक से करीब 230 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। हादसे का शिकार हुई यात्री ट्रेन उबोन रत्चाथानी प्रांत की ओर जा रही थी। उसी दौरान रेलवे लाइन के ऊपर चल रहे हाई-स्पीड रेलवे प्रोजेक्ट में इस्तेमाल की जा रही एक क्रेन अचानक असंतुलित होकर चलती ट्रेन पर गिर गई।

क्रेन गिरते ही पटरी से उतरी ट्रेन

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्रेन के गिरते ही तेज आवाज हुई और ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतरकर पलट गए। टक्कर के बाद ट्रेन में आग लग गई, जिससे हालात और भी भयावह हो गए। हादसे के समय ट्रेन में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे जिनमें कई लोग मौके पर ही फंस गए।

22 लोगों की दर्दनाक मौत

नाखोन रत्चासिमा प्रांत के पुलिस प्रमुख थाचापोन चिन्नावोंग ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि इस हादसे में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 30 से ज्यादा यात्री घायल हैं जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग अभी भी ट्रेन के मलबे में फंसे हो सकते हैं जिनकी तलाश जारी है।

राहत और बचाव कार्य जारी

स्थानीय मीडिया द्वारा दिखाए गए लाइव वीडियो में देखा गया कि रंगीन पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतरकर एक तरफ पलटी हुई है और मलबे से धुआं उठ रहा है। राहतकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है। नाखोन रत्चासिमा के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट ने फेसबुक पोस्ट के जरिए बताया कि अब तक चार शव मलबे से बाहर निकाले जा चुके हैं और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।

हाई-स्पीड रेलवे प्रोजेक्ट बना हादसे की वजह

अधिकारियों के अनुसार जिस क्रेन से यह हादसा हुआ उसका इस्तेमाल बैंकॉक से उबोन राचथानी को जोड़ने वाली हाई-स्पीड रेलवे लाइन के निर्माण में किया जा रहा था। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों में चूक के कारण क्रेन गिर गई, जिसकी वजह से यह बड़ा हादसा हुआ। फिलहाल थाईलैंड सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि क्रेन गिरने की असली वजह क्या थी और क्या इसमें किसी तरह की लापरवाही शामिल है। 

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