हर किसी के पास नहीं होती अक्ल दाढ़
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 10:54 PM
अक्ल
दाढ़
को
अंग्रेजी
में
(wisdom teeth)
कहते
हैं।
आमतौर
पर
अक्ल
दाढ़
या
wisdom teeth
बड़े
होने
पर
हर
किसी
के
मुँह
में
मौजूद
होने
की
बात
कही
जाती
है।
वैज्ञानिकों
का
दावा
है
कि
हर
किसी
व्यक्ति
के
पास
अक्ल
दाढ़
यानि
wisdom teeth
होगी
ही
ऐसा
अनिवार्य
नहीं
है।
जिन
लोगों
के
पास
अक्ल
दाढ़
नहीं
होती
है
उनके
अंदर
अक्ल
यानि
बुद्धि
कम
पाई
जाती
है।
ऐसा
बिल्कुल
भी
नहीं
मान
लेना
चाहिए।
Wisdom Teeth
17 से लेकर 25 साल की उम्र में आती है अक्ल दाढ़
वैज्ञानिकों
की
मान्यता
है
कि
अक्ल
दाढ़
(wisdom teeth)
हमारे
मुंह
के
सबसे
पीछे
स्थित
दाढ़ों
का
तीसरा
समूह
होता
है।
यह
पहली
और
दूसरी
दाढ़ों
की
तरह
दिखती
है
,
लेकिन
कभी
-
कभी
थोड़ी
छोटी
हो
सकती
है।
इसे
आम
तौर
पर
अक्ल
दाढ़
कहते
हैं
,
क्योंकि
यह
32
स्थायी
दांतों
में
से
आखिरी
होती
है
,
जो
17
से
25
साल
की
उम्र
के
बीच
निकलती
है
,
जब
हम
बड़े
और
समझदार
हो
जाते
हैं।
आपको
शायद
मालूम
होगा
कि
हर
किसी
के
चारों
अक्ल
दाढ़
नहीं
आतीं।
अधिकांश
लोग
अपनी
अक्ल
दाढ़
निकलवा
देते
हैं।
आखिर
ये
अक्ल
दाढ़
क्यों
आती
हैं
?
Wisdom Teeth
इसका
जवाब
सुदूर
अतीत
से
लेकर
कुछ
हद
तक
वर्तमान
से
जुड़ा
है।
जिस
तरह
आपके
और
आपके
रिश्तेदारों
के
बीच
कई
चीजें
मेल
खाती
हैं
,
उसी
प्रकार
मानव
जाति
भी
अपने
विस्तृत
परिवार
यानी
बंदर
,
गोरिल्ला
और
चिंपैंजी
जैसे
प्राइमेट्स
से
कई
समनाताएं
साझा
करते
हैं।
इन
सभी
के
पास
अक्ल
दाढ
होती
हैं।
कुछ
लाख
वर्ष
पहले
,
प्रारंभिक
मानव
पूर्वजों
के
जबड़े
और
दांत
आज
के
इन्सानों
से
बड़े
थे।
उदाहरण
के
लिए
,
ऑस्ट्रेलोपिथेकस
अफारेन्सिस
नामक
एक
प्रजाति
के
जबड़े
व
दांत
अभी
के
इन्सानों
की
तुलना
में
काफी
बड़े
और
मोटे
होते
थे।
वैज्ञानिकों
का
मानना
है
प्रारंभिक
मानव
पूर्वजों
को
कच्चा
मांस
और
पौधे
जैसे
सख्त
खाना
चबाने
के
लिए
मजबूत
जबड़े
और
दांतों
की
जरूरत
थी।
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महत्वपूर्ण नहीं रही अक्ल दाढ़
आज
का
खाना
तब
के
मुकाबले
बहुत
नरम
है।
खेती
,
खाना
पकाने
और
खाने
को
संग्रहीत
करने
की
तकनीकों
की
वजह
से
अब
हमें
सख्त
चीजें
चबाने
की
जरूरत
नहीं
पड़ती।
इस
वजह
से
,
लाखों
वर्षों
में
इन्सानों
के
जबड़े
छोटे
व
चेहरे
सपाट
होत
गए।
वर्षों
के
सतत
बदलाव
के
बाद
हमारे
लिए
पहले
की
तरह
अब
अक्ल
दाढ़
महत्वपूर्ण
नहीं
रही।
आजकल
करीब
25
प्रतिशत
लोगों
के
अक्ल
दाढ
नहीं
आती।
वैज्ञानिकों
को
स्पष्ट
रूप
से
नहीं
मालूम
कि
ऐसा
क्यों
होता
है
,
लेकिन
इसका
संबंध
माता
-
पिता
से
मिलने
वाली
जीन
से
हो
सकता
है।
Wisdom Teeth
कुछ
वैज्ञानिकों
का
तर्क
है
कि
आजकल
,
छोटे
जबड़े
वाले
इन्सानों
के
लिए
अक्ल
दाढ़
का
न
होना
फायदेमंद
है।
कभी
-
कभी
,
जगह
की
कमी
के
कारण
,
अक्ल
दाढ़
जबड़े
की
हड्डी
के
अंदर
फंस
जाती
है।
कुछ
मामलों
में
अक्ल
दाढ़
आंशिक
रूप
से
ही
उभरी
होती
है।
उनमें
कभी
-
कभी
दर्द
,
दांतों
में
सडऩ
या
मसूड़ों
में
सूजन
हो
जाती
है
,
जिससे
उन्हें
चिकित्सक
से
निकलवाना
पड़ता
है।
यदि
अक्ल
दाढ़
मुंह
में
सही
स्थिति
में
और
स्वस्थ
हों
,
तो
उन्हें
निकलने
की
आवश्यकता
नहीं
होती।
दिन
में
कम
से
कम
दो
बार
ब्रश
करने
और
मुंह
की
नियमित
सफाई
करने
से
आपके
दांत
स्वस्थ
रहेंगे।
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