
अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो ( FBI) ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन के मैरीलैंड स्थित आवास और वाशिंगटन, डी.सी. स्थित कार्यालय पर छापा मारा। एजेंटों ने कई घंटे तलाशी ली और इस दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज व फाइलें अपने कब्जे में ले लीं। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने कहा, "कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। एजेंट अपने मिशन पर हैं।" अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका की सुरक्षा पर किसी भी हालत में समझौता नहीं किया जा सकता और न्याय हमेशा सुनिश्चित होगा। America News
FBI के लगभग छह वाहनों ने सुबह सात बजे से बोल्टन के आवास पर सुरक्षा व्यवस्था संभाली। मोंटगोमरी काउंटी पुलिस ने आसपास की सड़कें बंद कर दीं। करीब एक घंटे बाद एजेंट भारी फाइलों का ढेर लेकर वहां से निकल गए। सूत्रों के अनुसार, बोल्टन लंबे समय से ट्रंप के निशाने पर हैं और हाल ही में उन्होंने ट्रंप की रूस और पुतिन के बीच अलास्का बैठक की आलोचना की थी।
सूत्रों ने बताया कि मैरीलैंड और वाशिंगटन के संघीय मजिस्ट्रेट न्यायाधीशों ने बोल्टन के आवास और कार्यालय की तलाशी की अनुमति दी। सीबीएस न्यूज के अनुसार, बोल्टन ने FBI से संपर्क करने की कई कोशिशें की, लेकिन इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीपुल्स हाउस संग्रहालय दौरे के दौरान कहा कि उन्हें इस छापे की जानकारी टीवी देखने के दौरान मिली। न्याय विभाग के प्रवक्ताओं ने फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।
बोल्टन ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद से 17 महीने तक कार्य करने के बाद इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने “द रूम व्हेयर इट हैपेंड” नामक किताब लिखी, जिसमें उन्होंने ट्रंप प्रशासन की आलोचना की। ट्रंप प्रशासन ने किताब के प्रकाशन को रोकने की कोशिश की और बोल्टन के खिलाफ मुकदमा दायर किया। जून 2020 में अमेरिकी जिला न्यायाधीश रॉयस लैम्बर्थ ने प्रकाशन रोकने के प्रयास को खारिज किया, लेकिन कहा कि बोल्टन ने गैर-प्रकटीकरण समझौते का उल्लंघन करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया।
नवंबर 2020 में ट्रंप ने आरोप लगाया कि बोल्टन ने "अवैध रूप से गोपनीय जानकारी साझा की" और कहा कि उन्हें जेल में होना चाहिए। बाद में बाइडेन प्रशासन ने जांच बंद कर दी और मुकदमा वापस ले लिया। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर बोल्टन की अमेरिकी गुप्त सेवा सुरक्षा हटा दी गई थी। बाइडेन प्रशासन ने दिसंबर 2021 में ईरान से मिली धमकी के बाद सुरक्षा प्रदान की थी। America News