
अमेरिका के वाशिंगटन राज्य का सबसे बड़ा शहर सिएटल अब 13 वर्षों बाद संघीय निगरानी से मुक्त हो गया है। अमेरिकी जिला न्यायाधीश जेम्स रॉबर्ट ने बुधवार को आदेश जारी कर पुलिस पर लगी निगरानी खत्म कर दी। यह निगरानी 2012 में अत्यधिक बल प्रयोग और नस्लीय भेदभाव के आरोपों के बाद लगाई गई थी। उस समय अमेरिकी न्याय विभाग ने माना था कि पुलिस की कठोर कार्रवाई का सबसे बड़ा खामियाजा अल्पसंख्यक समुदायों को भुगतना पड़ रहा है। इसी वजह से अदालत ने पुलिस को संघीय पर्यवेक्षण में रखा। हालांकि, 2023 में बाइडेन प्रशासन ने निगरानी समाप्त करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन कुछ लंबित मुद्दों के चलते इसमें देरी हुई। America News
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, सिएटल पुलिस ने पिछले वर्षों में कई सुधार लागू किए। बल प्रयोग संबंधी नई नीतियां अपनाई गईं, अधिकारियों के लिए बॉडी कैमरा जरूरी किया गया, जवाबदेही तय करने के प्रोटोकॉल बदले गए और भीड़ नियंत्रण की रणनीतियों की समीक्षा की गई। न्यायाधीश रॉबर्ट ने माना कि शहर ने अदालत के आदेशों का पालन किया है, इसलिए सहमति आदेश (कानूनी समझौता) अब निरस्त किया जा सकता है।
सिएटल के मेयर ब्रूस हैरेल ने अदालत में लिखित बयान दिया - यह पुलिस विभाग अब 2012 वाला विभाग नहीं है। हम लगातार सुधार और पारदर्शिता की दिशा में काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला उस दौर में आया है जब डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल में संघीय न्याय विभाग ने देश के कई पुलिस विभागों पर लगी निगरानी को समाप्त कर दिया था और नागरिक अधिकारों से जुड़ी कई लंबित जांचों को रोक दिया था। America News
सिएटल सामुदायिक पुलिस आयोग ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि संघीय निगरानी ने विभाग को नया स्वरूप दिया है। साथ ही यह भी माना कि सबसे अधिक प्रभावित समुदायों के बीच भरोसा बहाल करने के लिए पुलिस को अब भी और मेहनत करनी होगी। ट्रंप प्रशासन में न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग की प्रमुख रही हरमीत के. ढिल्लों ने कहा— “संघीय निगरानी हटने और स्थानीय कानून प्रवर्तन की पूरी जिम्मेदारी शहर को सौंपे जाने के बाद हमें सिएटल पुलिस विभाग के साथ खड़े होने पर गर्व है। America News