
स्थानीय अखबार वैंकूवर सन के अनुसार, पिछले एक महीने में सरे शहर में दक्षिण एशियाई व्यापारिक समुदाय पर पांच बार गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं। 11 जून को 56 वर्षीय व्यवसायी सतविंदर शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले, 7 जून को लक्ष्मी नारायण मंदिर के अध्यक्ष और ‘रिफ्लेक्शन बैंक्वेट हॉल्स’ के मालिक कुमार पर हमला हुआ था।
कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया, अब सरे में कारोबार करना खतरे से खाली नहीं। हर दिन गोलीबारी हो रही है, लोग डर के साए में जी रहे हैं। पुलिस ने भले ही कपिल के कैफे की घटना को जबरन वसूली से नहीं जोड़ा हो, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए ये घटनाएं आपस में जुड़ी हुई प्रतीत होती हैं।” कुमार ने यह भी घोषणा की कि जबरन वसूली से जुड़े मामलों में सुराग देने वाले को 100,000 कनाडाई डॉलर का इनाम दिया जाएगा।
अब सरे के कारोबारी वर्ग के बीच यह चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि क्या समय आ गया है जब उन्हें अपना व्यवसाय किसी सुरक्षित इलाके में स्थानांतरित करने का फैसला लेना चाहिए। रिफ्लेक्शन बैंक्वेट हॉल के मालिक कुमार ने चिंता जताते हुए कहा, "हमारे परिवारों में डर बैठ गया है। ग्राहक भी अब हमारे हॉल में आने से कतराने लगे हैं। रोज़-रोज़ की ये घटनाएं मानसिक थकान और असुरक्षा को जन्म दे रही हैं। सवाल अब सिर्फ कारोबार का नहीं, जीवन की सुरक्षा का है। क्या कनाडा अब भारतीय समुदाय के लिए वही सुरक्षित देश रह गया है, जैसा कभी हुआ करता था?
सरे पुलिस के स्टाफ सार्जेंट लिंडसे ह्यूटन ने बताया कि उन्हें भारतीय मीडिया की उन रिपोर्ट्स की जानकारी है, जिनमें दावा किया गया है कि इस फायरिंग की जिम्मेदारी एक खालिस्तानी अलगाववादी ने ली है। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है, हालांकि अब तक कोई पुष्टि नहीं की गई है। वहीं सरे की स्थानीय निवासी मनिंदरदीप कौर ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह घटना परेशान करने वाली है। यह हमारे जैसे शांत समुदाय में नहीं होनी चाहिए थी।” वहीं, शारिन व्हिट्टी ने अफसोस जताते हुए कहा, “कपिल शर्मा एक अंतरराष्ट्रीय नाम हैं। उनका इस तरह निशाना बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पंजाबी समुदाय उन्हें गर्व से देखता है। Kapil Sharma