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जानिए सबु दस्तगीर की कहानी, जो 90 साल पहले हॉलीवुड में काम करने वाले पहले भारतीय बने और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में इतिहास रच दिया।

Indians in Hollywood : आज जब प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण और देव पटेल जैसे सितारे हॉलीवुड में अपनी पहचान बना रहे हैं, तब यह जानना दिलचस्प है कि इस राह की शुरुआत करीब 90 साल पहले एक ऐसे भारतीय ने की थी, जिसने बेहद साधारण पृष्ठभूमि से उठकर अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में इतिहास रच दिया। Indians in Hollywood
सबु दस्तगीर का जन्म 1924 में मैसूर (वर्तमान कर्नाटक) में हुआ था। उनके पिता शाही अस्तबल में महावत थे, और बचपन से ही सबु का जीवन हाथियों के बीच बीता। औपचारिक शिक्षा न होने के बावजूद, उन्होंने प्रकृति और जानवरों के साथ ऐसा तालमेल विकसित किया, जो आगे चलकर उनकी पहचान बना। Indians in Hollywood
1930 के दशक में मशहूर फिल्मकार रॉबर्ट फ्लेहर्टी भारत आए और उन्हें एक ऐसे चेहरे की तलाश थी, जो उनकी फिल्म में प्रामाणिकता ला सके। महज 13 साल की उम्र में सबु को फिल्म एलीफेंट ब्वाय में मुख्य भूमिका मिली। इस फिल्म में उनकी सहज अदाकारी और मासूमियत ने पश्चिमी दर्शकों का दिल जीत लिया। Indians in Hollywood
इस फिल्म की सफलता के बाद निर्माता अलेक्जेंडर कोर्डा सबु को लंदन ले गए, जहां से उनका अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू हुआ। 1940 में आई इस फिल्म ने सबु को ग्लोबल स्टार बना दिया। उन्होंने अबू का किरदार निभाया, जो आज भी फैंटेसी सिनेमा का यादगार चेहरा माना जाता है। Indians in Hollywood
सबु का निभाया मोगली का किरदार उस दौर में बेहद लोकप्रिय हुआ और उन्हें हॉलीवुड के बड़े सितारों की कतार में खड़ा कर दिया।
1940 के दशक में सबु हॉलीवुड के पोस्टर बॉय बन चुके थे। उनकी तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय मैगजीन के कवर पर छपती थीं और वे उस दौर के सबसे चर्चित एशियाई कलाकारों में शामिल हो गए। Indians in Hollywood
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सबु ने सिर्फ फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने स्वेच्छा से अमेरिकी वायुसेना जॉइन की और कई खतरनाक मिशनों में हिस्सा लिया। उनकी वीरता के लिए उन्हें प्रतिष्ठित डिस्टिंगग्युस्ड फ्लाइंग क्रौस जैसे सम्मान से नवाजा गया। हॉलीवुड में सबु की लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि 1960 में उन्हें हालीवुड वॉक आॅफ फेम पर जगह मिली, यह सम्मान पाने वाले वे पहले भारतीय मूल के कलाकार बने। Indians in Hollywood
1963 में मात्र 39 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से सबु का निधन हो गया। उनका करियर भले ही छोटा रहा, लेकिन उन्होंने जो मुकाम हासिल किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गया। सबु दस्तगीर की कहानी सिर्फ एक अभिनेता की सफलता नहीं, बल्कि उस दौर की प्रेरणादायक गाथा है, जब एक भारतीय कलाकार ने वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाई और यह साबित किया कि प्रतिभा सीमाओं की मोहताज नहीं होती। Indians in Hollywood
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