
दक्षिण कोरिया के सियोल में मंगलवार को दक्षिण कोरिया की पूर्व प्रथम महिला किम कियोन ही को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अदालत ने उनके खिलाफ सबूतों में संभावित छेड़छाड़ के आरोपों के चलते हिरासत वारंट जारी किया, जिससे यह देश की राजनीति में एक ऐतिहासिक और चौकाने वाला मोड़ बन गया। उनके खिलाफ सबूतों में छेड़छाड़ की आशंका के चलते सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने हिरासत वारंट जारी किया। International News
द कोरिया हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, विशेष जांच टीम किम की कथित संलिप्तता की जांच कर रही थी। आरोपों में आयातित कार डीलर डॉयच मोटर्स के शेयर मूल्य में हेरफेर, रिश्वतखोरी और 2022 के उपचुनाव में अवैध प्रभाव डालना शामिल हैं। अदालत ने विशेष वकीलों के अनुरोध पर किम के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट को मंजूरी दी।
किम मंगलवार सुबह अदालत में पेश हुईं और सुनवाई में कथित आरोपों से इनकार किया। लगभग चार घंटे तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने वकीलों और जांच टीम की दलीलों की समीक्षा की। नौ घंटे की प्रक्रिया के बाद किम के खिलाफ हिरासत वारंट जारी किया गया। विशेष वकीलों ने 848 पन्नों की रिपोर्ट पेश कर कहा कि अगर किम को हिरासत में नहीं लिया गया तो सबूत नष्ट होने का खतरा है। किम के वकीलों ने उनकी खराब स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए हिरासत पर रोक की मांग की।
सुनवाई खत्म होते ही दोपहर 2:35 बजे किम को हिरासत में लिया गया और उन्हें सियोल के गुरो-गु स्थित दक्षिणी हिरासत केंद्र भेजा गया। यह ऐतिहासिक घटना है क्योंकि किम हिरासत में जाने वाली दक्षिण कोरिया की पहली पूर्व प्रथम महिला बनीं। उनके पति, पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल पहले से ही ग्योंगगी प्रांत के उइवांग स्थित हिरासत केंद्र में हैं। उन्हें मार्शल लॉ के बाद हुए बवाल और लंबी कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया था। International News