
पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में सक्रिय बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी आत्मघाती इकाई मजीद ब्रिगेड को अमेरिका ने औपचारिक रूप से विदेशी आतंकी संगठन (FTO) घोषित कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के इस कदम को आतंकवाद पर सख्ती और पाकिस्तान से संबंध सुधारने की दोहरी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, “आतंकी घोषित करना न केवल उनके नेटवर्क को कमजोर करेगा, बल्कि हिंसक गतिविधियों के वित्तपोषण को भी रोकने में मदद करेगा। गौरतलब है कि 2019 में भी BLA को स्पेशली डिज़िगनेटेड ग्लोबल टेररिस्ट (SDGT) सूची में डाला गया था। हालिया घोषणा ऐसे समय में हुई है जब मार्च 2025 में इस संगठन ने क्वेटा-पेशावर मार्ग पर जाफर एक्सप्रेस ट्रेन हाईजैक कर 31 लोगों की हत्या और सैकड़ों को बंधक बनाने की जिम्मेदारी ली थी। Balochistan Liberation Army
बलूचिस्तान एक भौगोलिक इकाई है, जो पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान में बंटी हुई है। इसका सबसे बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम में है, जो ईरान, अफगानिस्तान और सिंध प्रांत से सटी सीमाएं साझा करता है। अरब सागर के किनारे लंबा तटवर्ती इलाका इसे सामरिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम बनाता है। पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम आबादी वाला यह प्रांत खनिज संपदा—कोयला, सोना, तांबा और प्राकृतिक गैस—से भरपूर है। यहां स्थित ग्वादर पोर्ट, 62 अरब डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का मुख्य केंद्र है, जो चीन के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से को अरब सागर से जोड़ता है। इसके बावजूद बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे गरीब और उपेक्षित इलाका माना जाता है।
1947 में पाकिस्तान के गठन के बाद से बलूचिस्तान में पांच बड़े अलगाववादी विद्रोह हो चुके हैं। मौजूदा स्वरूप में BLA का उदय 2000 के दशक की शुरुआत में हुआ। शुरुआत में इसका मकसद प्रांत के संसाधनों पर स्थानीय लोगों का अधिकार सुनिश्चित करना था, लेकिन समय के साथ यह मांग पूर्ण स्वतंत्र बलूचिस्तान की स्थापना में बदल गई। BLA के गठन के पीछे राजनीतिक हाशियाकरण, आर्थिक शोषण और सैन्य दमन जैसी पुरानी शिकायतें रही हैं। संगठन का शुरुआती नेतृत्व वरिष्ठ बलूच राष्ट्रवादी नेता नवाब खैर बख्श मर्री के बेटे बलाच मर्री के पास था। 2006 में नवाब अकबर बुगती की हत्या और फिर बलाच मर्री के मारे जाने के बाद संगठन और अधिक आक्रामक हो गया।
वर्तमान में BLA की कमान बशीर जैब बलूच के पास है, जिसने अफगानिस्तान के कंधार में बम हमले में असलम बलूच की मौत के बाद नेतृत्व संभाला। उनके डिप्टी हम्माल रेहान मजीद ब्रिगेड के ऑपरेशंस का नेतृत्व करते हैं। संगठन में पूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी रहमान गुल बलूच भी शामिल हैं, जिन्होंने विद्रोही बलों की सैन्य क्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। BLA बलूच युवाओं में राष्ट्रवादी भावनाओं को आधार बनाकर भर्ती करता है। संगठन में न सिर्फ हथियारबंद लड़ाके, बल्कि आईटी विशेषज्ञ, डेटा एनालिस्ट और मीडिया रणनीतिकार भी शामिल हैं, जो सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी सक्रियता बनाए रखते हैं।
BLA और मजीद ब्रिगेड पाकिस्तान के कई हाई-प्रोफाइल हमलों के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं—
2018: कराची स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास पर हमला
2019: ग्वादर होटल पर हमला
2024: कराची एयरपोर्ट और ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी पर आत्मघाती हमले
2025: जाफर एक्सप्रेस ट्रेन हाईजैक
इन घटनाओं ने न सिर्फ पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती दी, बल्कि CPEC जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए। Balochistan Liberation Army