ब्रिटेन में धूम मचाएंगे यूपी-उत्तराखंड के उत्पाद! बासमती से लेकर खेल सामान तक की मांग बढ़ेगी
FTA :
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 10:37 AM
FTA : भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर मुहर लगने के बाद अब उत्तर भारत के कई उत्पाद सीधे ब्रिटेन के बाजारों में अपनी पहचान और पकड़ मजबूत कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के परंपरागत उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सस्ता और सुगम बाजार मिलने जा रहा है।
99% भारतीय वस्तुओं पर घटेगा टैक्स, मिलेगा नया बाजार
FTA के तहत ब्रिटेन भारत के 99% उत्पादों और सेवाओं पर आयात शुल्क घटाने जा रहा है। इसके साथ ही भारत भी ब्रिटेन के 90% उत्पादों पर कर कटौती करेगा। दोनों देशों के बीच यह समझौता न केवल व्यापार में तेजी लाएगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों के लिए वैश्विक अवसर भी खोलेगा।
यूपी-उत्तराखंड के ये उत्पाद होंगे ब्रिटेन रवाना
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट के जरिये जानकारी दी कि भारत के कई राज्यों के पारंपरिक और हस्तशिल्प उत्पाद अब ब्रिटेन में आसानी से बिक सकेंगे। उत्तर भारत के जिन उत्पादों को इससे बड़ा लाभ मिलेगा, उनमें शामिल हैं, मेरठ (उत्तर प्रदेश) की खेल सामग्री, उत्तराखंड की बासमती चावल, खुर्जा (UP) की चीनी मिट्टी के सजावटी और घरेलू उपयोगी सामान तथा आगरा और कानपुर के चमड़े के उत्पाद।
भारत को मिलेगा ग्लोबल बूस्ट : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डील को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे भारत को वैश्विक व्यापार में नया आत्मविश्वास मिलेगा। उन्होंने इसे मेक इन इंडिया और लोकल टू ग्लोबल मुहिम के लिए निर्णायक कदम बताया। व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार ब्रिटेन भारतीय फल, सब्जियों और मसालों पर भी आयात शुल्क समाप्त करने की तैयारी में है। इससे भारत के किसानों और कृषि उत्पादकों को वैश्विक बाजार में नई प्रतिस्पर्धा और बढ़त मिलेगी।
34 अरब डॉलर से 120 अरब डॉलर तक पहुंचेगा व्यापार!
इस समझौते से भारत-ब्रिटेन के बीच वर्तमान 34 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार में तेज वृद्धि की उम्मीद जताई गई है। अनुमान है कि 2030 तक यह आंकड़ा 120 अरब डॉलर के पार जा सकता है। यह समझौता भारत के MSME क्षेत्र, कृषि-उत्पादकों, हस्तशिल्प कलाकारों, और स्थानीय ब्रांड्स के लिए एक बड़ा अवसर है। कम टैक्स और आसान पहुंच के चलते भारत के उत्पाद अब ब्रिटेन के रिटेल और आॅनलाइन बाजारों में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध होंगे, जिससे रोजगार और निर्यात दोनों को बढ़ावा मिलेगा। यह डील भारत को केवल व्यापार में नहीं, बल्कि लोकल उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग में भी अहम भूमिका निभाने का अवसर देगी। यूपी-उत्तराखंड के उत्पादों की बढ़ती पहुंच न केवल राज्यों की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी, बल्कि 'वोकल फॉर लोकल' से 'ग्लोबल फॉर लोकल' की यात्रा को भी मजबूत बनाएगी।