गौतम अडानी ने ले लिया हिंडनबर्ग से बदला, हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म हुई बंद
Hindenburg Research Firm
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 06:41 PM
Hindenburg Research Firm : दुनिया भर में प्रसिद्ध कंपनी (फर्म) हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म बंद हो गई है। दावा किया जा रहा है कि हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म (Hindenburg Research Firm) को बंद करवाने में गौतम अडानी (Gautam Adani) का बड़ा हाथ है। दावा करने वाले बता रहे हैं कि हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म ने गौतम अडानी को बर्बाद करने का प्रयास किया था। अपने अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा प्रभाव का प्रयोग करके गौतम अडानी ने हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म को बंद करा दिया है। हिंडनबर्ग के संस्थापक ने खुद मीडिया के सामने आकर हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म को बंद करने की घोषणा की है।
गौतम अडानी को बर्बाद करने की कोशिश में हिंडनबर्ग बन गई इतिहास
सब जानते हैं कि गौतम अडानी की कंपनी अडानी उद्योग समूह को लेकर हिंडनबर्ग ने बहुत ही चर्चित रिपोर्ट जारी की थी। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के कारण अडानी उद्योग समूह को अरबों डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा था। अब हिंडनबर्ग कंपनी बंद हो गई है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार तथा उद्योग जगत की जानकारी रखने वाले CA पी.के. चांद का कहना है कि गौतम अडानी ने हिंडनबर्ग के मालिकों से बदला लेने के लिए अपने प्रभाव का प्रयोग करके हिंडनबर्ग को बंद करवा दिया है। हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म अब इतिहास का विषय बन गई है।
हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म के मालिक नैट एंडरसन ने कर दी फर्म बंद करने की घोषणा
हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म के मालिक (संस्थापक) नैट एंडरसन हैं। नैट एंडरसन ने 2017 में शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की शुरुआत की थी। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने से पहले कंपनी बंद करने के पीछे एंडरसन ने कोई खास कारण नहीं बताया है। हालांकि आलोचकों का दावा है कि जॉर्ज सोरोस से हिंडनबर्ग के संबंध व डीप स्टेट पर आगामी ट्रंप प्रशासन का दबाव प्रमुख कारण हैं। फर्म की वेबसाइट पर एंडरसन ने लिखा, कोई खास बात नहीं है कोई खतरा भी नहीं है न ही सेहत की समस्या है। हमारे काम की तीव्रता व गंभीरता बाकी दुनिया व उन लोगों को खोने की कीमत पर है जिनकी मुझे फिक्र है। अब मैं हिंडनबर्ग को जीवन के सिर्फ एक अध्याय के रूप में देखता हूं, न कि केंद्र बिंदु की तरह जो मुझे परिभाषित करे। हमने कुछ ऐसे साम्राज्यों को हिला दिया जिन्हें हिलाने की जरूरत थी।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक कंपनी डुबाई हिंडनबर्ग ने
अमेरिकी शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग ने 2017 से लेकर 2024 तक अपनी रिपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब खलबली मचाई। उसने अब तक जिन प्रमुख कंपनियों को अपना निशाना बनाया है उनमें लॉर्डस्टाउन मोटर्स कॉर्प (अमेरिका), कंडी (चीन), क्लोवर हेल्थ (अमेरिका) और टेक्नोग्लास (कोलंबिया) प्रमुख हैं। इस दौरान सबसे ज्यादा नुकसान गौतम अडानी, जैक डोर्सी और कार्ल इकान जैसे दुनिया के दिग्गज अरबपति कारोबारियों को हुआ। हिंडनबर्ग के संस्थापक नैट एंडरसन ने लिखा, हिंडनबर्ग के काम की वजह से लगभग 100 लोगों पर कम से कम आंशिक रूप से विनियामकों ने आरोप लगाए और जांच की। इसका काम लगभग पूरा हुआ। एंडरसन ने कहा कि वह कंपनी के अंतिम कुछ प्रोजेक्ट्स पर काम करने और संदिग्ध पोंजी स्कीमों के बारे में नियामकों को साक्ष्य सौंपने के बाद इसे बंद कर रहे हैं।