
इस दौरान हम सभी पक्षों के साथ मिलकर संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्रीय स्थायित्व को ध्यान में रखते हुए हमास भी इस प्रस्ताव को स्वीकार करेगा। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने प्रस्ताव के ब्योरे सार्वजनिक नहीं किए हैं। न ही इजराइल और न ही हमास की ओर से इस पर कोई औपचारिक बयान सामने आया है।
ट्रंप ने बताया कि गाजा युद्ध के पहले भी हमास के साथ मध्यस्थता कर चुके कतर और मिस्र इस बार भी अंतिम युद्धविराम प्रस्ताव को संबंधित पक्षों के सामने पेश करेंगे। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वह आगामी सोमवार को वाशिंगटन में इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे, जहां गाजा संकट के साथ-साथ ईरान पर भी चर्चा की जाएगी। ट्रंप के मुताबिक, यदि सभी पक्ष सहमत हो जाते हैं, तो गाजा में युद्धविराम अगले सप्ताह कभी भी प्रभावी हो सकता है।
मई 2025 के अंत में ट्रंप के मध्य पूर्व मामलों के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने भी 60 दिनों के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था, जिसे इजराइल ने समर्थन दिया था। लेकिन हमास ने कई शर्तें जोड़ दीं, जिससे वार्ता बेनतीजा रही और यह प्रयास ठंडे बस्ते में चला गया। बता दें कि अक्टूबर 2023 में हमास ने दक्षिणी इजराइल पर भीषण हमला किया था, जिसमें करीब 1,200 लोग मारे गए और 250 नागरिकों को बंधक बना लिया गया था। इसके जवाब में इजराइल ने गाजा पट्टी पर ज़बरदस्त हवाई और ज़मीनी हमले शुरू कर दिए।
अनुमान है कि इस युद्ध में अब तक 56,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इस 21 महीने लंबे संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों ने दो बार युद्धविराम और बंधक रिहाई समझौते किए हैं, लेकिन टिकाऊ समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। ऐसे में ट्रंप की ताज़ा पहल को पश्चिम एशिया में शांति की संभावित शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। Israel Hamas War