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अदालत ने आरोपी रिचर्ड एडविन की इस दलील को खारिज कर दिया कि मानसिक विकार के कारण उसे आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

Canada News : टोरंटो की एक अदालत ने भारतीय छात्र कार्तिक वासुदेव सहित दो लोगों की हत्या के मामले में, एक शख्स को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। अदालत ने आरोपी रिचर्ड एडविन की इस दलील को खारिज कर दिया कि मानसिक विकार के कारण उसे आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
ग्लोबल न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक एडविन ने यह बात स्वीकारी कि उसने 21 साल के सेनेका कॉलेज के छात्र कार्तिक वासुदेव और 35 साल के एलिजा महेपथ की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हालांकि उसके वकीलों ने यह दलील दी कि अपनी मानसिक बीमारी के कारण, वह यह समझने में असमर्थ था कि उसका यह काम नैतिक रूप से गलत था।
जज ने क्या पाया?
सुपीरियर कोर्ट की जस्टिस जेन केली ने यह बात मानी कि गोलीबारी के समय एडविन एक गंभीर मानसिक बीमारी, यानी सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित था। लेकिन पाया कि आरोपी व्यवस्थित और सलीके से काम करने वाला व्यक्ति था; उसने गोलीबारी की दोनों घटनाओं की योजना बनाई थी और वह अपने कामों के नैतिक रूप से गलत होने की बात समझने में सक्षम था।
पीटीआई के मुताबिक कार्तिक के पिता ने बताया कि उनका बेटा शेरबोर्न स्टेशन से होते हुए ब्लूर स्ट्रीट ईस्ट की सीढ़ियों की तरफ़ जा रहे था, तभी एडविन तेज़ी से उनके पास से गुज़रा, पीछे मुड़ा और उनकी पीठ पर कई गोलियां दाग दीं।
‘चार साल की कानून लड़ाई’
पीड़ित के पिता जितेश वासुदेव ने कहा वे और उनकी पत्नी अंतिम सुनवाई में शामिल होने के लिए कनाडा में ही रुके हुए थे। उन्होंने कहा, "चार साल की कानूनी लड़ाई के बाद, आखिरकार हमें इंसाफ़ मिल गया है।"
वासुदेव जनवरी 2022 में मैनेजमेंट की पढ़ाई करने के लिए टोरंटो गए थे, लेकिन कुछ ही महीनों में उनकी हत्या कर दी गई। बाद में उनके शव को गाजियाबाद लाया गया और हिंडन नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके छोटे भाई ने अंतिम रस्में पूरी कीं। यह परिवार ट्रांस-हिंडन इलाके के राजेंद्र नगर में रहता है, और वासुदेव इसी इलाके के डीएवी स्कूल के पूर्व छात्र थे।
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