
पश्चिमी वेनेजुएला और कोलंबिया के कुछ हिस्सों में सोमवार शाम भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। स्थानीय अधिकारियों ने अभी तक किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं दी है। वेनेजुएला भूकंप अनुसंधान संस्थान के अनुसार, 24 सितंबर को देश के पश्चिमी हिस्से में दो भूकंप रिकॉर्ड किए गए। International News
पहला झटका: शाम 6:22 बजे, ट्रूजिलो राज्य के ला सेइबा से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.4 और गहराई 26.5 किलोमीटर थी।
दूसरा झटका: शाम 6:29 बजे, ज़ूलिया राज्य के बाचाक्वेरो से 58 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में। इसकी तीव्रता 4.9 और गहराई 34.3 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप के झटके ज़ूलिया, फाल्कन, लारा, कैपिटल डिस्ट्रिक्ट, याराक्यू, पोर्टुगुसा और ट्रूजिलो राज्यों के साथ-साथ कोलंबिया के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए। International News
कुछ घंटे पहले, कोलंबियाई भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और चिली के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने 6.0 से 6.3 रिक्टर तीव्रता वाले भूकंप की प्रारंभिक रिपोर्ट दी थी। इसका अनुमानित केंद्र सबाना डी मेंडोज़ा (ट्रूजिलो) से 42 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में बताया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में माराकाइबो झील के पूर्वी तट के मेने ग्रांडे और बाचाक्वेरो (ज़ूलिया) क्षेत्रों को भी शामिल किया गया। International News
भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है, जहां प्लेटों की हलचल से भू-गर्भीय ऊर्जा निकलती है। इसी स्थान पर झटके सबसे अधिक महसूस होते हैं। केंद्र से दूरी बढ़ने के साथ झटकों की तीव्रता घटती जाती है। यदि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7 या उससे अधिक हो, तो आसपास के लगभग 40 किलोमीटर के दायरे में झटके ज्यादा महसूस होते हैं। इसका प्रभाव यह भी तय करता है कि भूकंपीय ऊर्जा ऊपर की सतह पर कितनी फैलती है। भूकंप की जांच और तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का प्रयोग किया जाता है। इसे 1 से 9 तक वर्गीकृत किया गया है। रिक्टर स्केल भूकंप के केंद्र यानी एपीसेंटर से निकलने वाली ऊर्जा की ताकत को मापता है। इसी माप से पता चलता है कि झटके कितने तेज और भयावह हो सकते हैं। International News
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने पाकिस्तान सेना पर हमला कर दो सैनिकों की हत्या और तीन अन्य के घायल होने का दावा किया है। संगठन ने कहा कि यह हमला उनके सक्रिय लड़ाकों द्वारा अंजाम दिया गया था। बीएलएफ के प्रवक्ता घोरम बलोच ने मीडिया को भेजे बयान में बताया कि 24 सितंबर की सुबह 8 बजे अवारन जिले के बुजदाद इलाके में पाकिस्तान सेना की पैदल गश्ती टीम को रिमोट कंट्रोल बम विस्फोट के माध्यम से निशाना बनाया गया। इस हमले में दो सैनिक मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए। प्रवक्ता ने बताया कि आधे घंटे बाद हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचे और मृतकों व घायल सैनिकों को सुरक्षित स्थान पर ले गए। International News
घोरम बलोच ने बताया कि 20 सितंबर को बरखान जिले के वादी बाघाओ और परघारा क्षेत्र में बीएलएफ ने सड़क निर्माण कार्य में लगी मशीनरी पर गोलीबारी की और क्रैश प्लांट सहित मशीनरी में आग लगा दी। संगठन ने इस हमले की भी जिम्मेदारी ली है।
इस बीच बलोचिस्तान छात्र संगठन (बीएसओ) के पुजार गुट ने अपने पूर्व अध्यक्ष जुबैर बलोच की हत्या के बाद उन्हें शहीद और ‘दागर’ की उपाधि से सम्मानित किया। संगठन के केंद्रीय प्रवक्ता ने कहा कि जुबैर बलोच शिक्षा, न्याय और मानवाधिकारों के पक्षधर थे और उन्होंने शांतिपूर्ण संघर्ष और जनसेवा में हमेशा विश्वास बनाए रखा।
बीएसओ पुजार ने जुबैर बलोच की स्मृति में पांच दिन का शोक घोषित किया। इस दौरान संगठन की सभी गतिविधियाँ सीमित रहेंगी और कार्यकर्ता विभिन्न आयोजनों के माध्यम से उनके बलिदान को याद करेंगे। संगठन ने कहा कि वे उनके आदर्श—शांति, न्याय और सेवा—को आगे बढ़ाने का हर संभव प्रयास करेंगे। आरोप है कि जुबैर बलोच की हत्या दलबादिन में पाकिस्तान सेना और समर्थित डेथ स्क्वाड द्वारा की गई। International News
जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) ने देशव्यापी विरोध और स्थानीय असंतोष को देखते हुए जापान-अफ्रीका होमटाउन परियोजना को रद्द करने का फैसला किया है। इसके औपचारिक ऐलान की उम्मीद आज की जा रही है। यह परियोजना अगस्त में विदेश मंत्रालय की पहल पर घोषित की गई थी, जिसका मकसद जापानी शहरों और अफ्रीकी देशों के बीच आवासीय और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना था। International News
जापानी अखबार द असाही शिंबुन की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि इस योजना को गलती से अफ्रीका से आप्रवासन को प्रोत्साहित करने वाली नीति के रूप में देखा गया, जिससे व्यापक आलोचना और विरोध शुरू हो गया। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “परियोजना के लक्ष्य अच्छे हैं, लेकिन स्थानीय प्रतिक्रिया को देखते हुए इसे वापस लेना ही सही है। हम अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान को आगे भी सक्रिय रूप से बढ़ावा देते रहेंगे।”
परियोजना के तहत नाइजीरिया के लिए चिबा प्रांत में किसाराज़ू, तंजानिया के लिए यामागाटा प्रांत में नागाई, घाना के लिए निगाटा प्रांत में संजो और मोज़ाम्बिक के लिए एहिमे प्रांत में इमाबारी में कार्यक्रम आयोजित होने थे। विवाद तब बढ़ गया जब नाइजीरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान जारी कर दावा किया कि किसाराज़ू नाइजीरियाई नागरिकों के “गृहनगर” के रूप में विकसित किया जाएगा और जापान विशेष वीज़ा व्यवस्था बनाएगा।
इस बयान के बाद जापान की स्थानीय सरकारों में विरोध और असंतोष की लहर फैल गई। प्रदर्शनकारियों ने जेआईसीए को पूरी तरह बंद करने की मांग की और विरोध के स्वर लगातार बढ़ते गए। केंद्र और स्थानीय प्रशासन ने बार-बार स्पष्ट किया कि यह परियोजना आप्रवासन से संबंधित नहीं है, फिर भी विरोध जारी रहा।
स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद, जेआईसीए और विदेश मंत्रालय ने निर्णय लिया कि इस पहल से स्थानीय निकायों पर अत्यधिक दबाव पड़ता। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यदि इसे ऑनलाइन एक जीत के रूप में पेश किया गया, तो यह समस्या पैदा कर सकता था। International News