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भारत
चेतना मंच
25 Oct 2025 04:00 PM
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1. सिंगापुर में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत भारतीय नागरिक को छेड़छाड़ के आरोप में एक साल दो माह जेल की सजा
सिंगापुर स्टेट कोर्ट ने शुक्रवार को यहां के नॉर्थ ब्रिज रोड स्थित प्रतिष्ठित रैफल्स अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में सेवारत भारतीय नागरिक को छेड़छाड़ के आरोप में दोषी ठहराते हुए फैसला सुनाया। स्टेट कोर्ट 34 वर्षीय भारतीय नागरिक एलीपे शिवा नागू को एक साल दो माह की जेल और दो बेंत लगाने की सजा सुनाई।
बहाना बनाकर किया छेड़छाड़
द स्ट्रेट्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 21 जून को दर्ज किए गए इस केस के बारे में अभियोजन पक्ष के उप लोक अभियोजक यूजीन फुआ ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके दो दिन बाद आरोपित नागू को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पीड़ित 18 जून को इस अस्पताल में भर्ती अपने दादा से मिलने गया था। शाम लगभग 7.30 बजे पीड़ित एक शौचालय में गया। इस दौरान एलीप ने अंदर झांका। फुआ के अनुसार, एलीप ने पीड़ित को कीटाणुरहित करने के बहाने उसके हाथ पर साबुन लगाया और उससे छेड़छाड़ की।
आरोपित को तत्काल किया गया निलंबित
उप लोक अभियोजक यूजीन फुआ ने छेड़छाड़ की घटना का खुलासा होने के बाद अस्पताल ने आरोपित को तत्काल निलंबित कर दिया। पीड़ित इस अनुचित घटना से हैरान होकर शौचालय से बाहर आया और सीधे दादा के पास पहुचा। उन्हें आपबीती सुनाई। तब यह घटना अस्पताल प्रबंधन के पास पहुंची। अदालत ने फैसला सुनाने के बाद पीड़ित की उम्र आदि का ब्यौरा हटा दिया है।
2. पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर व्यापारिक गतिविधियां बंद, चमन क्रॉसिंग खोलने का दावा गलत
पड़ोसी देश अफगानिस्तान के साथ तनाव की वजह से सीमा पर व्यापारिक गतिविधियां बंद है। सुरक्षा चिंताओं के चलते पाकिस्तान-अफगान सीमा शुक्रवार को भी सभी प्रकार की व्यापारिक गतिविधियों के लिए बंद रही। अधिकारियों ने उन दावों को बेबुनियाद बताया कि इस्लामाबाद ने अफगान पारगमन व्यापार के लिए बलोचिस्तान प्रांत में चमन क्रॉसिंग को आंशिक रूप से खोल दिया है। अधिकारियों ने कहा कि पैदल यात्रियों को भी दोनों ओर से सीमा पार करने की अनुमति नहीं है।
बैठक के बाद स्थिति हो जाएगी सामान्य
डान अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ सीमा शुल्क अधिकारी ने बताया, "सीमा पिछले 12 दिनों से बंद है। अभी तक पारगमन व्यापार सहित किसी भी व्यावसायिक गतिविधि के लिए सीमा को नहीं खोला गया है। चमन शहर के प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अभी तक इस्लामाबाद के अधिकारियों से सीमा खोलने के बारे में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। यह जरूर है कि अफगान शरणार्थियों को सीमित समय पर चमन क्रॉसिंग से स्वदेश भेजा गया। व्यापारियों को उम्मीद है कि आज इस्तांबुल में पाकिस्तान और अफगान के अधिकारियों के बीच होने वाली बैठक के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।
अस्थायी रूप से रोका गया व्यापार
इस बीच, संघीय राजस्व बोर्ड (एफबीआर) ने घोषणा की कि उसके कर्मचारी सीमा चौकियों पर तैनात हैं। आदेश मिलते ही सीमा खोल दी जाएगी। बोर्ड की यह घोषणा अफगानिस्तान से लगी सीमा चौकियों पर ट्रांजिट कार्गो, निर्यात खेप और आयातित सामान से लदे 1,000 से अधिक ट्रकों के खड़े होने की सूचना के बाद आई है। यह व्यवधान प्रमुख सीमा चौकियों तोरखम, गुलाम खान, खरलाची और अंगूर अड्डा पर 12 अक्टूबर और चमन सीमा पर 15 अक्टूबर से निर्यात और आयात दोनों के लिए सीमा शुल्क निकासी के निलंबन के कारण उत्पन्न हुआ है। एफबीआर की एक आधिकारिक घोषणा में कहा गया है कि सीमा शुल्क चौकियों पर सुरक्षा चिंताओं के कारण पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
कतार में खड़े हैं 495 वाहन
बताया गया है कि द्विपक्षीय व्यापार के निलंबन से पहले सीमा शुल्क अधिकारियों ने तोरखम, गुलाम खान, खरलाची और अंगूर अड्डा चौकियों पर 363 आयात वाहनों की निकासी की है। इस समय तोरखम में आयात के लिए 23 वाहनों की निकासी लंबित है। इन वाहनों में कपड़े, पेंट, मूंगफली और दालों जैसी वस्तुएं हैं। यही हालत निर्यात की है। 255 वाहन तोरखम टर्मिनल के अंदर खड़े हैं, जबकि लगभग 200 वाहन जमरूद-लांडी कोटल मार्ग पर फंसे हुए हैं। चमन सीमा शुल्क केंद्र पर सीमा शुल्क निकासी कार्य 15 अक्टूबर से निलंबित है। लगभग 495 वाहन तोरखम और चमन में सीमा पार करने के लिए कतार में खड़े हैं।
3. पेंटागन का ड्रग कार्टेल के खिलाफ कठोर कदम, लैटिन अमेरिका में होगी युद्धपोतों की तैनाती
संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने लैटिन अमेरिका में सक्रिय ड्रग कार्टेल और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए शुक्रवार को कठोर कदम उठाए हैं। रक्षा मुख्यालय ने लैटिन अमेरिका में सैन्य अभियान के बड़े विस्तार का फैसला किया। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड और उससे जुड़े युद्धपोतों को आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में भेजने का आदेश दिया।
सैनिकों की संख्या दोगुनी होने की संभावना
द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि विस्तारित सैन्य उपस्थिति का उद्देश्य न केवल पश्चिमी गोलार्ध में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकना है, बल्कि वहां सक्रिय आपराधिक समूहों को कमजोर और ध्वस्त करना भी है। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ड्रग कार्टेल के खिलाफ शुरू किए अभियान का अहम हिस्सा है। इससे क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की संख्या लगभग दोगुनी होने की संभावना है।
लगभग 6,000 कर्मी तैनात
सैन्य गतिविधियों से वाकिफ अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने बताया कि प्यूर्टो रिको में सैन्य ठिकानों पर उन्नत एफ-35 लड़ाकू विमानों की तैनाती के अलावा कैरेबियन सागर में आठ युद्धपोतों पर लगभग 6,000 कर्मी तैनात हैं। यूरोप से इस क्षेत्र में आ रहा फोर्ड कैरियर स्ट्राइक ग्रुप जून में लगभग 4,500 नाविकों को लेकर वर्जीनिया स्थित अपने गृह बंदरगाह से रवाना हुआ था। पेंटागन ने इस महीने एक वरिष्ठ मरीन कॉर्प्स अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल कैल्वर्ट वर्थ की कमान में एक नए संयुक्त कार्य बल को सक्रिय किया है।
नाव से ले जाई जा रही थी ड्रग्स
ट्रंप प्रशासन के अनुसार, सितंबर की शुरुआत से अब तक 10 नाव हमलों में कम से कम 43 लोग मारे गए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि इन अपराधियों पर जमीन पर भी हमला किया जाएगा। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन का ताजा फैसला रक्षा सचिव पीट हेगसेथ केयह कहे जाने के बाद आया है कि सेना ने 10वीं नाव पर सवार छह लोगों को मार गिराया है। इस नाव से ड्रग्स ले जाई जा रही थी।
4. थाईलैंड की राजमाता सिरीकित का 93 साल की आयु में निधन
थाईलैंड की राजमाता सिरीकित का शुक्रवार रात 9ः21 बजे निधन हो गया। उन्होंने 93 वर्ष की आयु में किंग चुलालोंगकोर्न मेमोरियल अस्पताल में आखिरी सांस ली। थाई रेडक्रॉस सोसाइटी और रॉयल हाउस होल्ड ब्यूरो ने उनके निधन की घोषणा की। बैंकॉक पोस्ट अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, ब्यूरो के बयान में बताया गया कि वह सितंबर, 2019 से अस्वस्थ थीं। 17 अक्टूबर को उनके रक्तप्रवाह में संक्रमण हो गया। चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद उनकी हालत बिगड़ती गई। राजा महा वजीरालोंगकोर्न फ्रा वजीराक्लाओचाओयुहुआ ने ब्यूरो को शाही परंपरा के अनुसार सर्वोच्च सम्मान के साथ राजमाता का शाही अंतिम संस्कार करने का निर्देश दिया है। उनकी अस्थियां बैंकॉक के ग्रैंड पैलेस स्थित दुसित महा प्रसाद सिंहासन हॉल में रखी जाएंगी। राजा ने उनके निधन की तिथि से शाही परिवार और शाही दरबार के अधिकारियों के लिए एक वर्ष का शोक घोषित किया है।
कहां की रहने वाली थी राजमाता सिरीकित
राजमाता सिरीकित का जन्म 12 अगस्त, 1932 को बैंकॉक में हुआ था। वो राजकुमार नक्खत्रा मंगला और एम.एल. बुआ कितियाकारा की पुत्री थीं। 28 अप्रैल 1950 को उनका विवाह राजा भूमिबोल अदुल्यादेज महान (राम चतुर्थ ) के साथ हुआ था। राजा ने 1946 से 2016 तक शासन किया। पांच मई, 1950 को राज्याभिषेक के दिन सिरीकित को महारानी घोषित किया गया। राजमाता सिरीकित अंतिम समय तक थाई लोगों के कल्याण, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक थाई कला एवं शिल्प के संरक्षण के लिए समर्पित रहीं।
5. एफबीआई प्रमुख काश पटेल अगले माह जाएंगे चीन, फेंटेनाइल का मुद्दा उठाएंगे
फेंटेनाइल संबंधी रसायनों के अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं पर धड़ाधड़ कार्रवाई कर रही अमेरिकी खुफिया एजेंसी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक काश पटेल अगले महीने चीन की यात्रा पर जाएंगे। अमेरिका ने विदेशों में उत्पादित ऐसे रसायनों और उनसे संबंधित वित्तपोषण स्रोतों से निपटने के लिए नशा विरोधी नीति पर अमल शुरू किया है। राष्ट्रपति ट्रंप और पटेल ने चीन को संयुक्त राज्य अमेरिका में नशे की लत के संकट को बढ़ावा देने के लिए दोषी ठहराया है।
उठाया गया अवैध नशीली दवाओं का मुद्दा
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, काश पटेल अपनी चीन यात्रा के दौरान वहां के नेतृत्व और अधिकारियों के बीच फेंटेनाइल का मुद्दा उठाएंगे। राष्ट्पति डोनाल्ड ट्रंप भी दक्षिण कोरिया में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान अवैध नशीली दवाओं की समस्या का मुद्दा उठाएंगे। ट्रंप ने गुरुवार को कहा, "मैं उनसे सबसे पहला सवाल फेंटेनाइल के बारे में पूछूंगा।" ट्रंप ने यह टिप्पणी गुरुवार को व्हाइट हाउस के स्टेट डाइनिंग रूम में आयोजित एक कार्यक्रम में की। यह कार्यक्रम नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले ड्रग कार्टेल पर कार्रवाई को उजागर करने के लिए आयोजित किया गया था।
बड़ी मात्रा में जब्त किए गए नशीले पदार्थ
ट्रंप ने कहा कि प्रशासन ने अब तक बड़ी मात्रा नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। पटेल ने कहा कि प्रशासन ने लाखों लोगों की जान बचाई है। ट्रंप ने दूसरे कार्यकाल के लिए पदभार ग्रहण करने के कुछ दिनों बाद कहा था कि चीन, अमेरिका में नशीली दवाओं के प्रवाह को रोकने में विफल रहा है। पिछेल माह तीन सितंबर को पटेल ने खुलासा किया कि कुछ चीनी कंपनियां कथित तौर पर फेंटेनाइल उत्पादन के लिए आवश्यक प्रीकर्सर रसायन बनाती हैं। 16 सितंबर को सीनेट में गवाही के दौरान पटेल ने कहा था कि एजेंसी ने मुख्य भूमि चीनी व्यवसायों और उद्यमों से जुड़े क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट भी जब्त किए हैं, क्योंकि इन पर फेंटेनाइल उत्पादन में शामिल होने का संदेह है।
6. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच इंस्ताबुल में दूसरे दौर की वार्ता आज
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच दूसरे दौर की वार्ता आज (शनिवार) तुर्किये के इस्तांबुल में शुरू होने वाली है। इस दौरान दोनों पक्ष दोहा में पहले चरण के दौरान उठे मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। पाकिसतान के विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी इस्लामाबाद में दी। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी ने कहा कि इस्तांबुल बैठक पहले दौर की दोहा वार्ता की निरंतरता है। दोहा वार्ता के परिणामस्वरूप दोनों देशों के बीच युद्धविराम हुआ था।
पाकिस्तान के अखबार द न्यूज, तुर्किये के अखबार डेली सबाह और अरब न्यूज की रिपोर्ट्स के अनुसार, घातक झड़पों के बाद दूसरे दौर की वार्ता के लिए पाकिस्तानी और अफगान अधिकारी इस्तांबुल शहर में हैं। अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में दोनों देशों के बीच हुई हिंसा में दोनों पक्षों के दर्जनों लोग मारे गए। दोनों पड़ोसी देश तीखे सुरक्षा विवाद में उलझे हुए हैं। दोनों पक्ष कह रहे हैं कि वे एक-दूसरे की आक्रामकता का जवाब दे रहे हैं।
दोनों देशों की सीमाएं बंद
पाकिस्तान खासतौर पर अफगानिस्तान के तालिबान शासकों पर आतंकवादी समूहों, खासकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) पर आंखें मूंद लेने का आरोप लगाता रहता है। हालांकि तालिबान शासक इस आरोप को खारिज करते हैं। पिछले सप्ताहांत कतर और तुर्किये ने शत्रुता को रोकने के लिए युद्धविराम की मध्यस्थता की। युद्धविराम काफी हद तक कायम है।पाकिस्तान छोड़ने वाले अफगान शरणार्थियों को छोड़कर दोनों देशों की सीमाएं बंद हैं।
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने उम्मीद जताई है कि इस्तांबुल में तुर्किये की मध्यस्थता में होने वाली वार्ता में विवादित मसलों को सुलझाने पर सहमति बनेगी। उधर, अफगानिस्तान के चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कहा है कि सीमा पारगमन और व्यापार ठप हो जाने से व्यापारियों को प्रतिदिन लाखों डॉलर का नुकसान हो रहा है। दक्षिणी कंधार प्रांत हालिया लड़ाई से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। खासकर सीमा पर स्पिन बोल्डक में पाकिस्तानी हवाई हमलों में लोग मारे गए और घर तबाह हो गए। तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि, उप आंतरिक मंत्री हाजी नजीब इस्तांबुल में प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लड़ाई ने लोगों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दोनों देशों के बीच 2,611 किलोमीटर (1,622 मील) लंबी सीमा है। इसे डूरंड रेखा के नाम से जाना जाता है। इसे अफगानिस्तान ने कभी मान्यता नहीं दी। उनके बीच सिर्फ दो मुख्य व्यापार मार्ग हैं। बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था ने स्थानीय लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। हजारों लोग और वाहन एक हफ्ते तक सीमा चौकियों पर फंसे रहे हैं। पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों पर देशव्यापी कार्रवाई के तहत दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान में चमन क्रॉसिंग केवल अफगान शरणार्थियों के लिए खुली है। अफगानिस्तान से प्रवेश, जिसमें व्यापार और पैदल आवाजाही भी शामिल है, निलंबित है।
7. पाकिस्तानी सुरक्षाबल बलोचिस्तान से लेवी अधिकारी समेत दो को उठा ले गए, 18 अपहृत मजदूरों का कोई सुराग नहीं
पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में आजादी की मांग तेज होने के बीच आम नागरिकों और अधिकारियों को जबरन उठा ले जाने की घटनाओं ने संघीय और राज्य सरकार की सुरक्षा संबंधी चिंता बढ़ा दी है। राज्य के कुलवाह और खारन से एक लेवी अधिकारी समेत दो लोग लापता हो गए हैं। पाकिस्तान के सुरक्षाबलों पर दोनों को जबरन उठा लेने जाने का आरोप है। उधर, कुछ हथियारबंद लोगों ने एक निर्माण कंपनी के 18 मजदूरों को अगवा कर दोनों सरकारों को सीधी चुनौती दी है। अपहृत मजदूरों का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
रेजाई औलद गाजो को जबरन किया गया गायब
द बलोचिस्तान पोस्ट (पश्तो भाषा) की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान फोर्सेज के फ्रंटियर कोर ने पिछले दिनों कुलवाह के अशाल क्षेत्र निवासी रेजाई औलद गाजो को जबरन गायब कर दिया। दूसरी ओर आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) और खरान की खुफिया एजेंसियों ने एक स्थानीय लेवी अधिकारी को हिरासत में लेने के बाद जबरन गायब कर दिया है। लापता अधिकारी की पहचान खरान निवासी हाजी मोहम्मद हुसैन कबदानी के बेटे बशीर अहमद कबदानी के रूप में हुई है। बताया गया है कि बशीर को 19 अक्टूबर की रात लगभग 11 बजे उसके घर से उठाया गया।
पूरे प्रांत में बढ़ी सुरक्षा संबंधी चिंताएं
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, अज्ञात हथियारबंद लोगों ने गुरुवार देर रात खुजदार जिले में एक निर्माण कंपनी के शिविर पर हमला कर 18 मजदूरों का अपहरण कर लिया और कई वाहनों और भारी मशीनों में आग लगा दी। बलोचिस्तान में 12 घंटे अंतराल में मजदूरों के अपहरण की दूसरी घटना ने पूरे प्रांत में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला नाल तहसील में खुजदार से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित कालेरी में हुआ। भारी हथियारों से लैस दर्जनों ने हमलावरों ने पहले मुख्य सड़क को अवरुद्ध कर यातायात बाधित किया और फिर एक निजी निर्माण कंपनी के शिविर और क्रश प्लांट पर धावा बोल दिया। यह कंपनी वाशुक जिले में खुजदार को बसिमा से जोड़ने वाली एक प्रमुख सड़क परियोजना पर काम कर रही है।
18 अब भी लापता
लेविस फोर्स के प्रभारी अली अकबर के अनुसार, हमलावरों ने कंपनी के क्रश प्लांट को निशाना बनाया और वाहनों और निर्माण उपकरणों में आग लगा दी। इसके बाद हमलावरों ने मजदूरों को जबरन अपने वाहनों में डाल लिया और पास के पहाड़ों में भाग गए। अपहृत अधिकांश श्रमिक सिंध प्रांत के हैं। यह लोग काम की तलाश में बलोचिस्तान आए थे। कंपनी के प्रबंधक जुल्फिकार अहमद ने पुष्टि की कि बंदूकधारियों ने शुरुआत में 20 श्रमिकों का अपहरण किया। बाद में दो को रिहा कर दिया। 18 अभी भी लापता हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस हमले से कर्मचारी भयभीत हैं।
शुरू किया गया संयुक्त अभियान
सुरक्षा बलों ने मजदूरों की तलाश में संयुक्त अभियान शुरू किया है। इसमें लेवीज फोर्स, फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) और आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) के कर्मी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, अपहृत श्रमिकों का पता लगाने के लिए स्थानीय आदिवासी बुजुर्गों ली गई। इसमें अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। अभी तक किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, यह क्षेत्र लंबे समय से बलोच अलगाववादी समूहों का गढ़ रहा है। पहले भी निर्माण कंपनियों, सड़क परियोजनाओं और अन्य विकास परियोजनाओं को निशाना बनाया गया है। इन समूहों को सरकारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का विरोध करने के लिए जाना जाता है। इससे पहले गुरुवार सुबह अज्ञात हथियारबंद लोगों ने मस्तुंग जिले के दश्त से नौ निर्माण मजदूरों का अपहरण कर लिया था। उनका अब भी पता नहीं है। International News