
Google News : तकनीकी दुनिया में एक बड़ा बदलाव अब आकार ले रहा है। Google अब अपने दो प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम — Android और ChromeOS — को मिलाकर एक संयुक्त प्लेटफॉर्म की दिशा में बढ़ चुका है। यह कदम न सिर्फ तकनीकी एकजुटता की ओर इशारा करता है, बल्कि Apple के iPad और iPadOS को खुली चुनौती देने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। यह खुलासा गूगल के एंड्रॉयड डिवीजन के प्रमुख समीर समत ने एक इंटरव्यू में किया। उन्होंने बताया कि गूगल ChromeOS और Android को एक समन्वित प्लेटफॉर्म में विलीन करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसका उद्देश्य न केवल तकनीकी तालमेल बढ़ाना है, बल्कि टैबलेट और लैपटॉप यूज़र्स के अनुभव को भी एक नए स्तर पर ले जाना है।
नए प्लेटफॉर्म के ज़रिये Android में अब ChromeOS जैसी क्षमताएं देखने को मिलेंगी — जैसे डेस्कटॉप मोड, आकार बदलने योग्य विंडो सपोर्ट और बाहरी डिस्प्ले से बेहतर कनेक्टिविटी। इससे Android केवल एक मोबाइल प्लेटफॉर्म नहीं रहेगा, बल्कि मल्टी-डिवाइस ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में उभर सकता है। पिछले साल Google ने यह घोषणा की थी कि ChromeOS अब Android के तकनीकी आधार (tech stack) पर विकसित किया जाएगा। इस बदलाव की प्रक्रिया धीरे-धीरे पहले ही शुरू हो चुकी है। और अब, समीर समत की आधिकारिक पुष्टि के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि Google के लैपटॉप और टैबलेट यूजर्स के अनुभव को एकीकृत करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस पहल के पीछे स्पष्ट प्रतिस्पर्धात्मक रणनीति है। Google इस मर्ज के जरिए Apple के iPadOS को टक्कर देना चाहता है, जो टैबलेट सेगमेंट में लंबे समय से बाज़ार का नेतृत्व कर रहा है। Google को उम्मीद है कि जब Android और ChromeOS के फंक्शनल पहलू एक साथ आएंगे, तो वह उपयोगकर्ता अनुभव, डेवलपमेंट स्पीड और डिवाइस इंटीग्रेशन — तीनों मोर्चों पर Apple को चुनौती दे सकेगा।दिलचस्प बात यह है कि Android और ChromeOS के विलय की चर्चा कोई नई नहीं है। वर्ष 2015 में पहली बार इस विचार ने जोर पकड़ा था। लेकिन अब जाकर गूगल ने पहली बार इस योजना की खुलकर पुष्टि की है, जिससे संकेत मिलता है कि अगले कुछ वर्षों में टेक वर्ल्ड में एक बड़ी क्रांति देखने को मिल सकती है। Google News