डरावना खुलासा: हेयर स्टाइलिंग से स्टाइल नहीं सांसों में जहर भर रहे हैं आप!
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 05:13 AM
सुबह ऑफिस के लिए तैयार होते वक्त या किसी शादी-पार्टी में जाने से पहले हममें से ज्यादातर लोग बालों को स्टाइल करना नहीं भूलते। हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर, कर्लर जैसे टूल्स अब हर घर में आम हो गए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी ये रोजमर्रा की हेयर स्टाइलिंग रूटीन आपके फेफड़ों को उतना ही नुकसान पहुंचा सकती है जितना किसी बिजी हाईवे पर खड़े होने से होता है? Hair Tool Hazards
जी हां, अमेरिका की पर्ड्यू यूनिवर्सिटी (Purdue University) की ताजा रिसर्च में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हेयर स्टाइलिंग के दौरान निकलने वाले नैनोपार्टिकल्स (nano particles) हमारे वातावरण को ही नहीं बल्कि सीधे स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
क्या कहती है रिसर्च?
रिसर्च को प्रोफेसर नुसरत जंग और उनके पीएचडी स्टूडेंट जियांगुई लियू ने लीड किया। उन्होंने पाया कि जब लोग बालों को स्टाइल करने के लिए हीटिंग टूल्स (जैसे स्ट्रेटनर, कर्लर) और हेयर प्रोडक्ट्स (जैसे क्रीम, सीरम, स्प्रे) का इस्तेमाल करते हैं तो 10 अरब से ज्यादा सूक्ष्म कण हवा में फैल जाते हैं। ये कण सांस के जरिए फेफड़ों में प्रवेश कर सकते हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकते हैं जैसे-सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में सूजन, ब्रेन फॉग और याददाश्त में कमी आदि।
कैसे निकलते हैं ये खतरनाक कण?
जब हेयर क्रीम या सीरम को 300°F से ज्यादा गर्म स्टाइलिंग टूल्स से टच कराया जाता है, तो इनमें मौजूद कुछ इंग्रीडिएंट्स (जैसे साइक्लिक सिलॉक्सेन्स) वाष्प बनकर हवा में नैनो कण के रूप में फैल जाते हैं। इनका असर एक बिजी सड़क पर खड़े होने जितना हो सकता है यानी उतना ही वायु प्रदूषण आपके शरीर में घुस सकता है, जितना सड़क किनारे खड़े रहने से होता है।
रिसर्च में कैसे किया गया परीक्षण?
रिसर्च टीम ने एक सामान्य हेयर स्टाइलिंग रूटीन को रीक्रिएट किया, जिसमें इस्तेमाल किए गए:5 हेयर प्रोडक्ट्स (क्रीम, सीरम, स्प्रे आदि)
3 टूल्स (ब्लो ड्रायर, स्ट्रेटनर, कर्लर)
सामान्य 10-15 मिनट की स्टाइलिंग जैसी प्रक्रिया इस रूटीन के दौरान हवा में सूक्ष्म कणों की संख्या को मापा गया और नतीजे हैरान कर देने वाले थे।
आपके स्टाइल का असर आपकी सांसों पर
रिसर्च में यह भी बताया गया कि ये कण कितने अंदर जाएंगे यह इन बातों पर निर्भर करता है। आप टूल के कितने पास खड़े हैं, कमरे में वेंटिलेशन है या नहीं, कौन-सा हेयर प्रोडक्ट और टूल इस्तेमाल हुआ, कितनी देर तक स्टाइलिंग की गई, आप कितनी गहरी सांसें ले रहे हैं। आमतौर पर लोग बाथरूम या कम वेंटिलेशन वाले कमरों में स्टाइलिंग करते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
कैसे करें बचाव? प्रोफेसर की सलाह
प्रोफेसर नुसरत जंग और उनकी टीम ने कुछ सेफ्टी टिप्स भी सुझाए हैं।
हीटिंग टूल्स और हेयर प्रोडक्ट्स को एक साथ यूज़ करने से बचें।
खुली और हवादार जगह पर ही हेयर स्टाइलिंग करें।
प्रोडक्ट की मात्रा कम करें।
स्टाइलिंग के बाद कमरे की हवा को सर्कुलेट करें।
इस रिसर्च ने साफ किया है कि हेयर स्टाइलिंग अब सिर्फ बालों की बात नहीं है ये आपकी सांसों और फेफड़ों से भी जुड़ा मुद्दा बन चुका है। फैशन के इस दौर में जहां लोग लुक्स को लेकर सजग हैं, वहां अब जरूरत है थोड़ी स्मार्टनेस और सेफ्टी की भी। तो अगली बार जब आप ब्लो ड्रायर उठाएं या कर्लिंग आयरन गरम करें एक बार ये जरूर सोचें, "क्या स्टाइल से पहले सेहत का ध्यान जरूरी नहीं?" Hair Tool Hazards