
Shashi Tharoor : कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ राजनयिक डॉ. शशि थरूर ने पाकिस्तान और आतंकवादी नेटवर्क को दो टूक शब्दों में कड़ी चेतावनी दी है। गुयाना की राजकीय यात्रा पर पहुँचे भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्वकर्ता थरूर ने साफ कर दिया कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन उसकी यह शांति किसी डर या दबाव की उपज नहीं है। यदि भारत पर दोबारा हमला किया गया, तो जवाब पहले से कहीं अधिक सख्त और निर्णायक होगा।
शशि थरूर के नेतृत्व में भारत का प्रतिनिधिमंडल गुयाना की यात्रा पर है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान और आतंकवादी संगठनों की मिलीभगत को वैश्विक समुदाय के सामने लाना है। जॉर्जटाउन में आयोजित प्रेस वार्ता में थरूर ने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल अपने देश के भीतर नहीं, बल्कि वैश्विक मंचों पर भी आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक आवाज़ उठा रहा है।
उन्होंने कहा, "हम यहां यह बताने आए हैं कि आतंकवादी हमलों ने भारत को कैसे प्रभावित किया है। हमने गुयाना के नेताओं से बात की और हमें पूर्ण समर्थन मिला। यह लड़ाई केवल भारत की नहीं, बल्कि वैश्विक समुदाय की साझा जिम्मेदारी है।"
थरूर ने गुयाना की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य है और उम्मीद जताई कि भारत जैसे मित्र देश के पक्ष में वह खुलकर बोलेगा। उन्होंने बताया कि जिन नेताओं से चर्चा हुई, उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के हर कदम में साथ देने का भरोसा दिया।
थरूर ने स्पष्ट किया कि भारत की सैन्य कार्रवाइयाँ हमेशा जवाबी रही हैं। उन्होंने कहा, "जब विभिन्न देशों की सरकारों ने भारत से चिंता जताई, तब हमने स्पष्ट किया कि हमें युद्ध में कोई दिलचस्पी नहीं है। लेकिन यदि पाकिस्तान की ओर से उकसावा होता है, तो भारत को मजबूरन जवाब देना ही होगा।
उन्होंने बताया कि 10 मई की सुबह पाकिस्तान की ओर से भारतीय DGMO से संपर्क किया गया, जिससे यह संकेत मिला कि अंतरराष्ट्रीय दबाव में वह पीछे हटना चाहता है।
थरूर ने एक और गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया कि आतंकवादी गुट भारत में सांप्रदायिक विभाजन पैदा करना चाहते थे। उन्होंने कहा, इन आतंकियों की योजना थी कि हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव फैले, लेकिन भारत की जनता ने एकजुटता का परिचय दिया। हमारी सेना की प्रेस ब्रीफिंग में दो महिला अधिकारी थीं, जिनमें से एक मुस्लिम थीं। यह साफ संदेश था कि यह लड़ाई धर्म की नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ है।
अपनी बात को दमदार ढंग से रखते हुए थरूर ने कहा, "हम शांति में विश्वास करते हैं, लेकिन हमारी शांति कमजोरी नहीं है। अगर पाकिस्तान या उसके आतंकी गठजोड़ ने भारत पर दोबारा हमला करने की जुर्रत की, तो उन्हें इसका अंजाम पहले से कहीं ज़्यादा भयंकर भुगतना पड़ेगा। Shashi Tharoor