तुर्की में इमामोगलू की गिरफ्तारी से विरोध प्रदर्शनों का तूफान
Recep Tayyip Erdogan:
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 06:40 PM
Recep Tayyip Erdogan: तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन(Recep Tayyip Erdogan) के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी और इस्तांबुल के मेयर इक्रेम इमामोगलू की गिरफ्तारी ने तुर्की में राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी है। इमामोगलू पर भ्रष्टाचार और टेरर फंडिंग के आरोप लगाए गए हैं, जिनका उन्होंने खंडन किया है। यह गिरफ्तारी 2028 के चुनाव से पहले हुई है, जहां इमामोगलू एर्दोगन के लिए एक प्रमुख चुनौती माने जा रहे थे। गिरफ्तारी के बाद से पूरे तुर्की में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और सरकार की नींद उड़ गई है।
इमामोगलू की गिरफ्तारी और विरोध प्रदर्शन
इमामोगलू की गिरफ्तारी के बाद से तुर्की की सड़कों पर हजारों लोग उतर आए हैं और सरकार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। 17 मार्च को तुर्की पुलिस ने इस्तांबुल के मेयर इमामोगलू को गिरफ्तार किया, जिसके बाद विरोध तेज हो गया। इमामोगलू पर आरोप है कि उन्होंने भ्रष्टाचार और आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया, लेकिन उन्होंने इन आरोपों को नकारा है। गिरफ्तारी के बाद सरकार ने प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ और लोग सड़कों पर उतर आए। तुर्की के इतिहास में यह सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।
एर्दोगन(Recep Tayyip Erdogan) की सत्ता को चुनौती
इमामोगलू तुर्की के प्रमुख विपक्षी नेता हैं और उनकी गिरफ्तारी को एर्दोगन(Recep Tayyip Erdogan) की सत्ता के खिलाफ एक रणनीति माना जा रहा है। इमामोगलू के खिलाफ आरोपों की स्थिति राजनीतिक रूप से प्रेरित मानी जा रही है, क्योंकि वह 2028 के चुनाव में एर्दोगन के लिए गंभीर चुनौती बन सकते थे। इमामोगलू की लोकप्रियता तुर्की में लगातार बढ़ रही थी और वह सर्वेक्षणों में एर्दोगन(Recep Tayyip Erdogan) से आगे चल रहे थे।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि एर्दोगन(Recep Tayyip Erdogan) अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए इस तरह की राजनीतिक साजिश रच रहे हैं। उनके आलोचकों का कहना है कि जब इमामोगलू के नेतृत्व में रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी (CHP) ने आगामी राष्ट्रपति चुनावों में एक मजबूत उम्मीदवार तैयार किया, तो एर्दोगन ने उन्हें रास्ते से हटाने के लिए यह कदम उठाया।
देश में बढ़ता विरोध और सत्ता विरोधी लहर
इमामोगलू की गिरफ्तारी के बाद से तुर्की में सत्ता विरोधी लहर और तेज हो गई है। लोग अब तुर्की में एर्दोगन के 20 साल से ज्यादा लंबे शासन के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी तुर्की की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश है। इस्तांबुल में शुक्रवार देर रात हजारों लोग सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। ऐसे प्रदर्शन तुर्की में एक दशक बाद देखे जा रहे हैं।
एर्दोगन की रणनीति और भविष्य
एर्दोगन (Recep Tayyip Erdogan)के सत्ता में बने रहने के प्रयासों के तहत, उन्होंने इमामोगलू और अन्य विपक्षी नेताओं को जेल में डालने की रणनीति अपनाई है। वह अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रहे हैं। एर्दोगन को डर है कि इमामोगलू जैसे लोकप्रिय नेता 2028 के चुनावों में उनकी कुर्सी छीन सकते हैं। हालांकि, यह भी देखा जा रहा है कि जनता अब बगावत पर उतर आई है और एर्दोगन की सरकार के खिलाफ विरोध बढ़ गया है।Recep Tayyip Erdogan: