Imran Khan: ऐसी है इमरान के अर्श से फर्श पर पहुँचने की कहानी, कैसे सफल खिलाड़ी और नेता से बने सजायाफ्ता मुजरिम
Imran Khan
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 01:34 AM
Imran Khan: पाकिस्तान के पूर्व पीएम और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान (Imran Khan) एक बार फिर मुश्किलों में घिर गए हैं। इमरान खान को इस्लामाबाद की एक ट्रायल कोर्ट ने 3 साल जेल की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसकी वजह से इमरान अब एक पूर्व पीएम से एक सजायाफ्ता कैदी बन गए हैं। कैसे उनकी ज़िंदगी में इतनी उथल-पुथल मची, इतने बदलाव आए, हम पूरी कहानी बताते हैं।
Imran Khan: इमरान खान को किया गया गिरफ्तार
Imran Khan: इमरान खान को आज लाहौर पुलिस ने गिरफ्तार (Imran Khan Arrested) कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी इस्लामाबाद की एक ट्रायल कोर्ट द्वारा शनिवार, 5 अगस्त को तोशाखाना (उपहार) मामले में ‘भ्रष्ट आचरण’ का दोषी घोषित किये जाने के बाद की गई। इमरान खान को कोर्ट ने दोषी मानते हुए 3 साल जेल की सजा सुनाई है और उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
Imran Khan: फैसले से लगे राजनीतिक भविष्य पर प्रश्न चिन्ह ?
Imran Khan: इस फैसले से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान के राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि मामले में दोष सिद्ध होने से इमरान खान का राजनीतिक अब करियर खत्म हो सकता है। नवंबर से पहले आयोजित आम चुनावों में भी इमरान के भाग लेने की अब संभावना न के बराबर है। क्योंकि इस सजा के बाद अब उनके 5 साल तक चुनाव लड़ने पर बैन लग गया है। अब वो 5 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
Imran Khan: क्रिकेटर से नेता और अब मुजरिम बनने की कहानी
Imran Khan: इमरान खान ने एक क्रिकेटर (Cricketer) के रूप में 1971 में अपना करियर शुरू किया था। 80 के दशक में उनकी गिनती कपिल देव, रिचर्ड हेडली, इयान बाथम और मेल्कम मार्शल के साथ दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में की जाती थी। अपनी शानदार कप्तानी से वो पाकिस्तान के सफल कप्तानों में भी गिने जाने लगे।
Imran Khan: 1987 के विश्व कप में सेमीफाइनल में टीम के हारने के बाद उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी। लेकिन तत्कालीन तानाशाह जरनल जिया उल हक के कहने पर वो अगले ही साल संन्यास छोड़कर टीम में वापस आ गए। इसके बाद अगले विश्व कप 1992 में उन्होंने टीम को पहली और आखिरी बार वनडे विश्व विजेता बनाकर खुद को पाकिस्तान का सबसे सफल कप्तान साबित किया।
विश्व कप जीतने के बाद उन्होंने खेल को फिर अलविदा कह दिया। इसके बाद वो कॉलम लेखन और समाज सेवा के कामों में लग गए। इमरान खान नियाजी ने अपनी माँ की याद में कैंसर अस्पताल बनवाया। साथ ही नियाजी की संस्था ने एक कॉलेज भी बनवाया। इसके बाद 1996 में इमरान ने एक नई पारी की शुरुआत की। वो नेता बनकर राजनीति में आ गए।
Imran Khan:
इमरान ने अपनी खुद की एक पार्टी बनाई, जिसका नाम उन्होंने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ रखा। लेकिन इमरान की नई पारी फ्लॉप साबित हुई। उनकी पार्टी का चुनाव में खाता भी नहीं खुला और वो खुद भी चुनाव हार गए। लंबे संघर्ष के बाद उनकी मेहनत रंग लाई। जब उनकी दूसरी पारी में 2018 में हुए चुनावों में राजनीतिक घरानों से निराश लोगों ने उनकी पार्टी को जीत दिलाई।
लोगों को उम्मीद थी, कि जैसे क्रिकेट के मैदान में उन्होंने चमत्कार किए, वैसा ही कुछ वो यहाँ भी करेंगे। गरीबी से परेशान लोगों को जीवन में तब्दीली आने की उम्मीद थी। इमरान की पार्टी का नारा भी यही था कि 'तब्दीली लाएँगे'। मगर ऐसा हो न सका, इमरान ने भी अपने पूर्ववर्ती नेताओं की तरह अपना घर भरने का काम किया।
Imran Khan: नतीजा देश के हालात बद से बदतर हो गए, लोगों में असंतोष और आक्रोश बढ़ गया। उन पर करप्शन के आरोप लगे और जिसके फल स्वरूप पिछली साल आखिरकार उन्हें गद्दी छोड़नी पड़ी। इसके बाद लगातार उनकी मुश्किलें बढ्ने लगीं और अब वो एक सजायाफ़्ता कैदी बन कर रह गए हैं।
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