गलवान के साये से बाहर निकलते रिश्ते : बहाल होगा सीमा व्यापार
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 03:05 AM
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 03:05 AM
तीन साल पहले गलवान घाटी की हिंसक झड़प ने भारत-चीन संबंधों में गहरी दरार डाल दी थी। मगर अब भारत-चीन संबंधों की तस्वीर बदलती दिख रही है। धीरे-धीरे भारत-चीन रिश्तों में जमी बर्फ पिघल रही है और सहयोग के नए रास्ते खुल रहे हैं। भारत-चीन संबंध को मजबूती देने के लिए ही बीते दो दिनों के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा ने इसी दिशा में अहम संकेत दिए हैं। India-China Relations :
वांग यी की दिल्ली यात्रा, नई शुरुआत की जमीन
वांग यी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से लंबी बातचीत की। इन बैठकों को दोनों पक्ष अपने रिश्तों को पटरियों पर वापस लाने की कवायद के रूप में देख रहे हैं।
भारत के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि गलवान के बाद आई तल्खी अब घट रही है। बातचीत में कई अहम सहमतियां बनीं, सीमा पर स्थिरता बनाए रखने से लेकर व्यापारिक और सांस्कृतिक संपर्क बढ़ाने तक।
बने सहमति के बिंदु
* सीमा विवाद के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय।
* सैन्य बलों की तैनाती में कमी पर चर्चा।
* दिल्ली और बीजिंग के बीच सीधी उड़ानें जल्द शुरू होंगी।
* हवाई सेवा समझौते को अंतिम रूप दिया गया।
* भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए कैलाश-मानसरोवर यात्रा का दायरा बढ़ेगा।
* तीन बिंदुओं पर सीमा व्यापार फिर से खुलेगा।
* दोनों देशों ने नदियों के जल संबंधी जानकारी साझा करने पर सहमति जताई।
* भारत-चीन कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ संयुक्त रूप से मनाई जाएगी।
9-10 महीनों में बदलता माहौल
एनएसए डोभाल ने मुलाकात के बाद कहा कि सीमाएं अब शांत हैं और द्विपक्षीय संबंध पहले से अधिक स्थिर हुए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल कजान में पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात ने रिश्तों में नई दिशा दी थी। गलवान के बाद जो संबंध संकट में थे, वे अब धीरे-धीरे सामान्य होते दिख रहे हैं। हालांकि सीमा विवाद पूरी तरह सुलझा नहीं है, लेकिन वांग यी की यात्रा ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि भारत और चीन दोनों ही अब रिश्तों को टकराव के बजाय सहयोग की राह पर ले जाना चाहते हैं।