भारत की सबसे बड़ी ट्रेड डील शुरू! EFTA देशों से मिलेगी बंपर इन्वेस्टमेंट
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 07:59 PM
भारत और यूरोप के चार देशों के समूह EFTA (European Free Trade Association) के बीच हुआ ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (TEPA) अब 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हो रहा है। इस डील से भारत को अगले 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की प्रतिबद्धता मिली है। इसके साथ ही लाखों नौकरियों के अवसर और वैश्विक बाजार में भारतीय कंपनियों के लिए नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। India EFTA Deal
क्या है EFTA और कौन हैं इसके सदस्य?
EFTA एक इंटरगवर्नमेंटल संगठन है जिसमें चार यूरोपीय देश स्विजरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन शामिल हैं। ये देश यूरोपीय संघ (EU) का हिस्सा नहीं हैं लेकिन आपसी व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अलग संगठन के रूप में कार्य करते हैं। भारत का यह पहला ऐसा समझौता है जिसमें निवेश की कानूनी गारंटी भी शामिल है।
भारत को क्या होंगे फायदे?
100 अरब डॉलर का निवेश
अगले 15 वर्षों में EFTA देश भारत में चरणबद्ध रूप से 100 अरब डॉलर का निवेश करेंगे। पहले 10 वर्षों में 50 अरब डॉलर और अगले 5 वर्षों में शेष 50 अरब डॉलर निवेश किए जाएंगे।
10 लाख से ज्यादा नौकरियां
इस निवेश से 10 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
सस्ते होंगे विदेशी प्रोडक्ट्स
स्विट्ज़रलैंड की मशहूर घड़ियां, चॉकलेट, पॉलिश हीरे जैसे उत्पादों पर धीरे-धीरे इम्पोर्ट ड्यूटी शून्य या बेहद कम कर दी जाएगी, जिससे भारतीय बाजार में ये उत्पाद सस्ते होंगे।
निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
भारतीय कंपनियों को इन देशों के बाजारों में टैक्स में छूट मिलेगी, जिससे भारतीय सामान की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
निवेश न हुआ तो भारत डील कर सकता है रद्द
यह डील एकतरफा नहीं है। अगर EFTA देश तय निवेश नहीं करते हैं, तो भारत सरकार इस समझौते के तहत दी गई कस्टम ड्यूटी की छूट को सस्पेंड या दोबारा संतुलित (rebalance) कर सकती है। यानी भारत ने अपने हितों को सुरक्षित रखने की पूरी व्यवस्था की है।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता न केवल निवेश और व्यापार को बढ़ावा देगा बल्कि यह दिखाता है कि भारत अब वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और विश्वसनीय आर्थिक साझेदार बन चुका है। गौरतलब है कि भारत EFTA के अलावा यूरोपीय संघ (EU) के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत कर रहा है। लेकिन TEPA की सबसे खास बात यह है कि यह निवेश के बदले टैक्स छूट जैसा दोतरफा और व्यावहारिक मॉडल है जिससे दोनों पक्षों को फायदा होगा। India EFTA Deal