एलॉन मस्क की दौलत जानकर चौंक जाएंगे आप, सरकार से भी ज्यादा कमाई

दुनिया के सबसे बड़े धनपति एलॉन मस्क की दौलत तो भारत सरकार की एक साल की आमदनी से भी अधिक है। आपको विस्तार के साथ बता देते हैं कि एलॉन मस्क के पास कुल कितनी दौैलत मौजूद है।

एलॉन मस्क
एलॉन मस्क
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Feb 2026 05:36 PM
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Elon Musk : दुनिया के सबसे बड़े पूंजीपति का नाम एलॉन मस्क है। एलन मस्क दुनिया का सबसे अमीर व्यक्ति है। इतनी बात तो हर कोई जानता है किन्तु एलॉन मस्क के पास जितनी दौलत है उसे जानकर हर कोई चौंक जाता है। दुनिया के सबसे बड़े धनपति एलॉन मस्क की दौलत तो भारत सरकार की एक साल की आमदनी से भी अधिक है। आपको विस्तार के साथ बता देते हैं कि एलॉन मस्क के पास कुल कितनी दौैलत मौजूद है।

एलॉन मस्क से ज्यादा बड़ा पूंजीपति कोई नहीं

आपको बता दें कि एलॉन मस्क वह व्यक्ति है जिसके पास दुनिया की सबसे ज्यादा दौलत है। एलॉन मस्क से पहले भी दुनिया में बड़े-बड़े पूंजीपति हुए हैं। यह पहला मौका है कि एलॉन मस्क के बराबर दौलत आज तक किसी भी पूंजीपति के पास नहीं रही। एलॉन मस्क दुनिया का सबसे बड़ा पूंजीपति बनने के साथ ही साथ इतिहास का सबसे बड़ा पूंजीपति भी बन गया है। इन दिनों एलॉन मस्क के पास 850 बिलियन डॉलर की दौलत है। भारतीय मुद्रा में बात करें तो एलॉन मस्क के पास 77 लाख करोड़ रूपए की दौलत है। भारत सरकार की सालाना कमाई 35 लाख करोड़ रूपए की है। इस प्रकार भारत सरकार की सालाना कमाई से दोगुनी दौलत अकेले एक व्यक्ति एलॉन मस्क के पास मौजूद है। भारत में मौजूद 40 बड़े-बड़े पूंजीपतियों की दौलत को मिलाकर जो दौलत बनती है उतनी दौलत अकेले एलॉन मस्क के पास मौजूद है। एलॉन मस्क की दौलत पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश तथा नेपाल जैसे अनेक देशों की जीडीपी... से भी अधिक है।

एलॉन मस्क की दौलत के विषय में बोलते हुए आंकड़े

अलग-अलग सर्वे रिपोर्ट्स में एलॉन मस्क की दौलत तथा उसकी कंपनियों के आँकड़े बताए गए हैं। इन आँकड़ों में यह भी बताया गया है कि एलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स ने उनकी एआई कंपनी xAI को खरीद लिया है। पहले ये दोनों अलग-अलग थीं। अब ये एक ही बड़ी कंपनी बन गई हैं, जिसकी कुल कीमत $1.25 ट्रिलियन (करीब 104 लाख करोड़ रुपए) आंकी गई है। इस विलय से मस्क की वैल्यू $84 बिलियन बढ़ गई।मर्जर से पहले मस्क के पास स्पेसएक्स की 42% हिस्सेदारी थी, जिसकी वैल्यू $336 बिलियन थी। वहीं xAI में उनकी 49% हिस्सेदारी की कीमत $122 बिलियन थी। मर्जर के बाद बनी नई कंपनी में मस्क की हिस्सेदारी अब 43% हो गई है, जिसकी अकेले की वैल्यू $542 बिलियन है।

यह भी बताते हैं आँकड़े

अक्टूबर 2025: वे दुनिया के पहले $500 बिलियन वाले इंसान बने। यह तब हुआ जब उन्होंने टेस्ला पर फोकस करने के लिए ट्रंप के सरकारी विभाग (DOGE) को छोड़ा।· 

15 दिसंबर: स्पेसएक्स की वैल्यूएशन बढ़ने से वे $600 बिलियन के पार पहुंचे। 19 दिसंबर: कोर्ट से टेस्ला स्टॉक ऑप्शंस बहाल होने के बाद वे $700 बिलियन क्लब के इकलौते सदस्य बने। जनवरी 2026: स्पेसएक्स और xAI के मर्जर से कुल संपत्ति 850 बिलियन डॉलर पहुंच गई। मस्क और दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति के बीच का फासला तीन गुण से ज्यादा बढ़ा है। गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज $281 बिलियन की नेटवर्थ के साथ दूसरे नंबर पर हैं। मस्क उनसे $578 बिलियन ज्यादा अमीर हैं। जिस रफ्तार से उनकी दौलत बढ़ रही है, वे जल्द ही दुनिया के पहले 'ट्रिलियनेयर' (1000 अरब डॉलर के मालिक) बन सकते हैं। ·   

टेस्ला: टेस्ला की स्थापना 2003 में मार्टिन एबरहार्ड और मार्क टारपेनिंग ने की थी। इलॉन मस्क कंपनी के शुरुआती निवेशकों में से एक थे और फरवरी 2004 में उन्होंने टेस्ला में भारी निवेश किया। इसके बाद मस्क टेस्ला के चेयरमैन और फिर CEO बन गए। टेस्ला का मकसद इलेक्ट्रिक गाड़ियों को आम लोगों तक पहुंचाना और सस्टेनेबल एनर्जी को बढ़ावा देना था।

स्पेसएक्स: स्पेसएक्स की शुरुआत इलॉन मस्क ने मार्च 2002 में की थी। उनका सपना स्पेस लॉन्च की लागत घटाना और मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती बसाना था। स्पेसएक्स ने 2008 में पहला सफल रॉकेट (Falcon 1) लॉन्च किया और 2012 में इसका Dragon कैप्सूल इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़ा।

न्यूरालिंक: न्यूरालिंक की स्थापना इलॉन मस्क ने 2016 में की थी। इस कंपनी का मकसद इंसानी दिमाग और कंप्यूटर को जोड़ने वाली ब्रेन-मशीन इंटरफेस तकनीक विकसित करना है। न्यूरालिंक का उद्देश्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का इलाज करना और भविष्य में इंसानों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ बेहतर तरीके से जोड़ना है। Elon Musk

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Breaking News: इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान बड़ा धमाका

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में जुमे की नमाज़ के दौरान बड़ा धमाका हुआ है। शिया मस्जिद में कई लोगों के घायल और हताहत होने की खबर है।

Pakistan News
पाकिस्तान में बड़ा धमाका
locationभारत
userअसमीना
calendar06 Feb 2026 05:25 PM
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पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के दौरान भयानक धमाका हुआ जिसने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। फिलहाल पूरे शहर में इमरजेंसी लागू कर दी गई है और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेर लिया है। खबरों की मानें तो अब तक इस विस्फोट में 31 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 169 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है।

घटना स्थल और शुरुआती हालात

बताया जा रहा है कि, यह धमाका इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित इमाम बारगाह खदीजत-उल-कुबरा में हुआ। धमाके के बाद इलाके में लोगों में भारी डर और हड़कंप मच गया। पुलिस और रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने का काम शुरू कर दिया। घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके।

शहर में इमरजेंसी लागू

अधिकारियों के अनुसार, धमाके के बाद पूरे शहर में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने इमाम बारगाह और आसपास के इलाके को घेर लिया है और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल, किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स में कई लोगों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है।

घायल लोगों का तत्काल इलाज

धमाके में घायल हुए लोगों को तुरंत PIMS (पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज), पॉलीक्लिनिक अस्पताल और CDA अस्पताल में भर्ती कराया गया है। PIMS के कार्यकारी निदेशक ने बताया कि मुख्य इमरजेंसी, ऑर्थोपेडिक, बर्न सेंटर और न्यूरोलॉजी विभाग को सक्रिय कर दिया गया है ताकि घायल लोगों का तत्काल इलाज किया जा सके।

धमाके के कारणों की जांच

धमाके के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। जांच एजेंसियां मौके से सबूत इकट्ठा कर रही हैं और यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि विस्फोट कैसे और किन हालात में हुआ। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक शहर में कड़ी निगरानी जारी रहेगी। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। शहर में किसी भी अनहोनी से बचने के लिए सुरक्षा बल सतर्क हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है।

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बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना को क्यों झेलनी पड़ रही है भारी मार? रक्षा मंत्री ने खुद मानी सच्चाई

पाकिस्तान का बलूचिस्तान एक बार फिर गंभीर हिंसा की चपेट में है। हाल ही में प्रांत के दर्जनभर से ज्यादा शहरों में हुए एकसाथ और योजनाबद्ध हमलों ने यह साफ कर दिया है कि हालात सिर्फ बिगड़े नहीं हैं, बल्कि सेना और सरकार की पकड़ कमजोर होती जा रही है।

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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar03 Feb 2026 07:05 PM
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Pak-Baloch Conflict : पाकिस्तान का बलूचिस्तान एक बार फिर गंभीर हिंसा की चपेट में है। हाल ही में प्रांत के दर्जनभर से ज्यादा शहरों में हुए एकसाथ और योजनाबद्ध हमलों ने यह साफ कर दिया है कि हालात सिर्फ बिगड़े नहीं हैं, बल्कि सेना और सरकार की पकड़ कमजोर होती जा रही है। इन हमलों में सैन्य प्रतिष्ठानों, पुलिस पोस्टों, अर्धसैनिक बलों के कैंप और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि इन हमलों में आत्मघाती हमलावरों के साथ-साथ महिला लड़ाके भी शामिल थीं। इसके बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में जो बयान दिया, उसने खुद पाकिस्तानी सत्ता तंत्र की पोल खोल दी।

विशाल भूभाग, नाममात्र आबादी सेना के लिए सबसे बड़ी परेशानी

ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, जो देश के कुल क्षेत्रफल का 40 प्रतिशत से भी अधिक हिस्सा घेरता है। इसके मुकाबले यहां जनसंख्या बेहद कम है। कई इलाकों में तो दर्जनों किलोमीटर तक कोई बस्ती नहीं मिलती।

इतने बड़े और वीरान इलाके में सुरक्षा बलों की प्रभावी तैनाती मुश्किल हो जाती है। विद्रोही समूह आसानी से छिप जाते हैं, निगरानी और खुफिया नेटवर्क कमजोर पड़ जाता है। यही कारण है कि सेना की मौजूदगी के बावजूद उग्रवादी हमले लगातार हो रहे हैं।

सत्ता, अपराध और प्रशासन की खतरनाक सांठगांठ

रक्षा मंत्री ने यह भी माना कि बलूचिस्तान की समस्या सिर्फ सुरक्षा की नहीं, बल्कि अंदरूनी मिलीभगत की भी है। उनके अनुसार कुछ कबीलाई नेता, सरकारी अफसर और संगठित अपराधी आपस में जुड़े हुए हैं। यह गठजोड़ अलगाववादी संगठनों को न केवल पैसा मुहैया कराता है, बल्कि उन्हें राजनीतिक और सामाजिक संरक्षण भी देता है। उन्होंने साफ कहा कि जो आंदोलन कभी अधिकारों और पहचान की बात करता था, वह अब अपराधियों और तस्करों के हाथों में चला गया है।

तेल और माल की तस्करी से आतंक को मिल रहा ईंधन

ख्वाजा आसिफ के मुताबिक, बलूचिस्तान में तस्करी एक समानांतर अर्थव्यवस्था बन चुकी है। खासकर तेल की अवैध तस्करी, अफगानिस्तान के लिए आने वाले ट्रांजिट माल को पाकिस्तान में ही बेच देना, इन गतिविधियों से रोजाना अरबों रुपये की कमाई हो रही है। यही पैसा हथियार खरीदने लड़ाकों की भर्ती और बड़े हमलों की योजना में लगाया जा रहा है। जब सरकार ने इस अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने की कोशिश की, तो सीमावर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भड़क उठे।

भारी नुकसान के बावजूद नियंत्रण नहीं

रक्षा मंत्री ने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने हालिया कार्रवाई में बड़ी संख्या में आतंकियों को मार गिराया, लेकिन इसकी कीमत भी चुकानी पड़ी। कई जवान और आम नागरिक हिंसा की भेंट चढ़ गए। उन्होंने यह भी कहा कि मानवाधिकार और लापता लोगों का मुद्दा अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, जबकि इस पूरे नेटवर्क के असली संचालक देश से बाहर लग्जरी जिंदगी जी रहे हैं। ख्वाजा आसिफ के बयान से यह साफ झलकता है कि बलूचिस्तान में हालात सिर्फ हथियारों से नहीं सुधरेंगे।

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