एलेक्सा बनाने वाले भारतीय मूल के रोहित प्रसाद अब बोस्टन डायनेमिक्स की कमान संभालेंगे। रांची से शुरू हुआ उनका सफर अमेजन और एलेक्सा तक पहुंचा और अब वह दुनिया की चर्चित रोबोट कंपनी का नेतृत्व करेंगे।

International News : दुनिया में तेजी से बढ़ रही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) और रोबोट तकनीक के बीच भारतीय मूल के रोहित प्रसाद ने एक बड़ी जिम्मेदारी संभाल ली है। अमेजन में एलेक्सा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) के क्षेत्र में अहम भूमिका निभा चुके रोहित प्रसाद अब दुनिया की चर्चित रोबोट कंपनी बोस्टन डायनेमिक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बन गए हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब इंसानों की तरह काम करने वाले रोबोट को लेकर दुनिया की बड़ी तकनीकी और वाहन कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। रोहित प्रसाद की नई जिम्मेदारी को भारत से जुड़े लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। अमेजन में करीब 12 साल तक काम करने के दौरान उन्होंने एलेक्सा को विकसित करने के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया। अब वह अपने इसी अनुभव का इस्तेमाल रोबोट को और अधिक समझदार बनाने की दिशा में करेंगे। International News
रोहित प्रसाद की नियुक्ति इसलिए खास है क्योंकि बोस्टन डायनेमिक्स सामान्य रोबोट बनाने वाली कंपनी नहीं है। यह कंपनी ऐसे रोबोट विकसित करने के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जो कठिन परिस्थितियों में चलने, संतुलन बनाने और अलग-अलग काम करने में सक्षम हैं। कंपनी का सबसे चर्चित मानवीय रोबोट एटलस है। अब रोहित प्रसाद के नेतृत्व में इस रोबोट की क्षमताओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा सकता है। इसका लक्ष्य ऐसी मशीनें तैयार करना है, जो केवल दिए गए आदेश पर काम न करें, बल्कि अपने आसपास की परिस्थितियों को समझकर प्रतिक्रिया भी दे सकें। International News
रोहित प्रसाद का तकनीकी सफर भी बेहद दिलचस्प रहा है। अमेजन में उन्होंने एलेक्सा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आवाज को समझने वाली तकनीक से लेकर उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक उनके काम का दायरा लगातार बढ़ता गया। अब यही अनुभव रोबोट की दुनिया में काम आएगा। आवाज और भाषा को समझने वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को जब किसी ऐसे रोबोट के साथ जोड़ा जाएगा, जो वास्तविक दुनिया में चल-फिर सकता है, तो मशीनों की क्षमता में बड़ा बदलाव आ सकता है। International News
रांची, झारखंड से निकलकर वैश्विक तकनीकी दुनिया में पहचान बनाने वाले रोहित प्रसाद का सफर बेहद दिलचस्प रहा है। उनका शुरुआती जीवन और शिक्षा भारत में हुई। उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे अमेरिका चले गए और इलिनॉय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से विद्युत इंजीनियरिंग में परास्नातक किया। अमेरिका पहुंचने के बाद रोहित प्रसाद ने वाणी पहचान, मशीन लर्निंग और भाषा तकनीक पर काम शुरू किया। उन्होंने करीब 14 वर्ष रेथियॉन बीबीएन टेक्नोलॉजीज में बिताए, जहां उन्होंने वाणी और भाषा से जुड़ी कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीकों पर काम किया। वर्ष 2013 में उन्होंने अमेजन का रुख किया और धीरे-धीरे एलेक्सा की तकनीकी टीम के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे। अमेजन में उन्होंने एलेक्सा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बाद में कंपनी की कृत्रिम सामान्य बुद्धिमत्ता तथा अमेजन नोवा जैसे उन्नत एआई मॉडल पर भी नेतृत्व किया। अब यही लंबा अनुभव उन्हें बोस्टन डायनेमिक्स तक ले आया है, जहां वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता को रोबोट के साथ जोड़कर वास्तविक दुनिया में काम करने वाली अधिक सक्षम मशीनों की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
बोस्टन डायनेमिक्स का स्वामित्व हुंडई मोटर समूह के पास है। कंपनी मानवीय रोबोट तकनीक को औद्योगिक क्षेत्र में इस्तेमाल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में रोहित प्रसाद की नियुक्ति को केवल नेतृत्व परिवर्तन के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोट तकनीक को एक साथ आगे बढ़ाने की बड़ी रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
आने वाले समय में कारखानों, गोदामों और ऐसे स्थानों पर रोबोट की भूमिका बढ़ सकती है, जहां इंसानों के लिए काम करना मुश्किल या जोखिम भरा होता है। ऐसे में भारतीय मूल के रोहित प्रसाद के सामने दुनिया की नजरें रहेंगी कि वह रोबोट की इस नई दौड़ को किस दिशा में ले जाते हैं।
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