भारत की GDP को लग सकता है 23 अरब डॉलर का झटका, जानें कैसे?
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 07:30 AM
अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर 50% तक टैरिफ लगाने के फैसले ने भारत की अर्थव्यवस्था के लिए नई चिंता खड़ी कर दी है। 27 अगस्त से लागू होने जा रहे इन भारी शुल्कों के कारण भारत की GDP ग्रोथ में 0.3% से 0.6% तक गिरावट का अनुमान है, जिससे लगभग 23 अरब डॉलर का सीधा असर हो सकता है। अर्थशास्त्री और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी टैरिफ से भारतीय एक्सपोर्टर्स की लागत तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल, ऑटो इक्विपमेंट, ज्वेलरी, कालीन, केमिकल्स और मेटल जैसे क्षेत्रों को खासा नुकसान होगा। Tariff War
बग्गा के अनुसार, भारत से अमेरिका को भेजे जाने वाले हैंडमेड टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स पर टैरिफ 63.9% तक पहुंच जाएगा जबकि कालीनों पर 58.9% तक। इससे खासकर MSME सेक्टर के अस्तित्व पर संकट मंडरा सकता है।
GDP ग्रोथ को हो सकता है नुकसान
GDP ग्रोथ में गिरावट: 0.3% से 0.6% तक।
अनुमानित आर्थिक नुकसान: $23 अरब।
रोजगार पर भी पड़ सकता है नकारात्मक प्रभाव।
गोल्डमैन सैक्स भी चिंतित
गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी टैरिफ से भारत की वार्षिक GDP वृद्धि दर में 0.3% तक की गिरावट आ सकती है। रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर दवाब के चलते यह टैरिफ और गंभीर हो सकता है।
एक्सपोर्ट (FY 2025): $86.5 अरब।
इम्पोर्ट (FY 2025): $45.7 अरब।
प्रमुख एक्सपोर्ट आइटम: टेक्सटाइल, दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन।
कच्चे तेल में अमेरिका की भागीदारी: 4% से बढ़कर 8%।
किन क्षेत्रों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
सेक्टर
संभावित टैरिफ (%)
संभावित असर
टेक्सटाइल
~60%
MSME के लिए वैल्यू कॉम्पिटिशन खत्म
जेम्स एंड ज्वेलरी
2% → 52%
एक्सपोर्ट लगभग असंभव
सीफूड (झींगा आदि)
~58%
पहले से ही उच्च टैरिफ से दबाव में
फार्मा
छूट अभी है
भविष्य में $8-11B एक्सपोर्ट प्रभावित हो सकते
भारत सरकार के लिए संभावित उपाय
अजय बग्गा ने भारत सरकार को इस टैरिफ संकट से निपटने के लिए कई नीतिगत सुझाव दिए हैं।
कंज्यूमर गुड्स पर GST में कटौती।
पेट्रोल-डीजल और LPG पर सब्सिडी।
STCG और LTCG पर अस्थायी राहत।
टैक्स स्लैब में राहत और मिडिल क्लास को रिलीफ।
इन्फ्रास्ट्रक्चर फंडिंग को स्मार्ट तरीके से लागू करना।
MSME सेक्टर को संरक्षण देना। Tariff War