भारत ने पाकिस्तान से खेलने से किया इनकार, अफरीदी भड़के, 'सड़ा अंडा' कहकर उड़ाया तंज!
Indo Pak Match
भारत
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 08:58 PM
Indo Pak Match : वर्ल्ड चैंपियनशिप आफ लीजेंड्स 2025 में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरने से इनकार कर दिया, जिसके बाद शाहिद अफरीदी भड़क गए और उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अफरीदी ने कहा, "क्रिकेट को राजनीति से दूर रखना चाहिए। लेकिन कुछ खिलाड़ी खेल से बड़ा बनने की कोशिश कर रहे हैं। एक सड़ा अंडा पूरी टोकरी को खराब कर देता है।" उनके इस बयान को भारतीय खिलाड़ियों पर सीधा हमला माना जा रहा है।
सभी भारतीय खिलाड़ियों ने मैच का किया बहिष्कार
इस टूनार्मेंट में भारत की टीम की अगुवाई युवराज सिंह कर रहे हैं, जिसमें शिखर धवन, हरभजन सिंह, सुरेश रैना और यूसुफ पठान जैसे दिग्गज शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने पाकिस्तान से मैच खेलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आयोजकों को मैच रद करना पड़ा। मैच रद होने पर पाक खिलाड़ी शाहिद अफरीदी भारतीय खिलाड़ियों पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं और अनाप शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। हालांकि भारतीय वरिष्ठ खिलाड़ियों ने खेल से ऊपर देश की मर्यादा को वरीयता देते हुए यह फैसला लिया है। इरफान, यूसुफ पठान हों या युवराज, हरभजन सभी इस मैच के बहिष्कार में शामिल थे।
क्रिकेट के मैदान से उठी एक बार फिर सियासी आंधी!
भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ल्ड चैंपियनशिप आॅफ लीजेंड्स का हाई-वोल्टेज मैच रद कर दिया गया, और वजह बनी भारतीय दिग्गजों का बहिष्कार। हरभजन सिंह, शिखर धवन, सुरेश रैना जैसे खिलाड़ी मैदान में उतरने से पीछे हटे। दूसरी तरफ, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी आगबबूला हो उठे, और उन्होंने अपनी नाराजगी जहर उगलते हुए जाहिर की। हालांकि पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए भारतीयों के लिए जहर उगलना कोई नई बात नहीं है। अफरीदी ने कहा कि "सड़ा अंडा पूरी टोकरी को खराब कर देता है,"। अफरीदी का यह बयान सीधे भारतीय खिलाड़ियों की ओर इशारा करता दिखा, जिसने दोनों देशों के क्रिकेट प्रेमियों को दो हिस्सों में बांट दिया है।
आतंकवाद और भारत विरोधी गतिविधियों के चलते लिया निर्णय
भारत-पाक क्रिकेट हमेशा मैदान से ज्यादा सीमाओं की राजनीति से प्रभावित रहा है। हाल ही में पाकिस्तान में आतंकवाद और भारत विरोधी गतिविधियों के चलते भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल टूटना स्वाभाविक है। ऐसे में एक गैर-आधिकारिक टूनार्मेंट में पाकिस्तान के खिलाफ न खेलना सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि एक 'सॉफ्ट डिप्लोमैटिक सिग्नल' भी है। कई लोगों का मानना है कि भारत सरकार की नीतियों और हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए यह फैसला देश की भावना के अनुरूप था।