चीन ने पाकिस्तान को दिया नामी हथियारों का आफर, फिर लालच में फंसेगा जिन्ना का मुल्क?
भारत
RP Raghuvanshi
07 Jun 2025 02:17 PM
Indo-Pak War : हाल ही में पाकिस्तान को भारत के साथ टकराव में मुंह की खानी पड़ी। अब फिर से पाकिस्तान ने चीन की ओर से मिले हथियारों का सहारा लेने की तैयारी कर ली है। हालांकि, पहले भारतीय सेना ने चीन द्वारा सप्लाई किए गए कई हवाई रक्षा सिस्टम और मिसाइलों को ध्वस्त कर पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया था। बावजूद इसके, चीन अब फिर से पाकिस्तान को उन्नत हथियार देने के लिए तैयार है। ताकि वह दक्षिण एशिया में अपनी पकड़ मजबूत रख सके और पाकिस्तान को अपने प्रभाव से बाहर निकलने से रोका जा सके।
चीन ने क्या-क्या हथियार आफर किए?
चीन ने पाकिस्तान को 40 जे-35 स्टील्थ फाइटर जेट, केजे-500 अवाक्स निगरानी विमान और एचक्यू-19 एयर डिफेंस सिस्टम देने का प्रस्ताव रखा है। दक्षिण एशिया में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के मकसद से चीन लगातार पाकिस्तान को हथियार मुहैया कराता रहा है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से 2024 के बीच पाकिस्तान के कुल हथियार आयात में चीन की हिस्सेदारी करीब 81 फीसदी रही है।
मुख्य हथियारों की खासियत :
जे-35 स्टील्थ फाइटर जेट : चीन का यह आधुनिक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है, जो रडार की पकड़ से बचते हुए दुश्मन के विमानों और जमीन के लक्ष्यों को निशाना बना सकता है। यह भारत के राफेल और सुपरसोनिक विमान तेजस के लिए चुनौती पेश कर सकता है।
केजे-500 अवाक्स निगरानी विमान : यह 360 डिग्री निगरानी करने वाला जासूसी विमान है, जो आसमान से दुश्मन के हर गतिविधि पर नजर रखता है और रियल टाइम में फील्ड की जानकारी साझा कर सकता है।
एचक्यू-19 एयर डिफेंस सिस्टम : यह चीन का उन्नत हवाई रक्षा प्रणाली है, जो मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन समेत कई तरह के हवाई हमलों को रोकने में सक्षम है, खासकर सैन्य अड्डों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है।
क्या चीन के लालच में फिर फंस जाएगा पाकिस्तान?
पिछले दिनों चीन के गिरे हुए या खराब क्वालिटी वाले हथियारों ने पाकिस्तान को भारत और बलूच लिबरेशन आर्मी जैसे स्थानीय विद्रोही समूहों के खिलाफ भी भारी नुकसान उठाने पर मजबूर किया था। डिफेंस विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के निम्न गुणवत्ता के हथियार पाकिस्तान की सैन्य क्षमता को कमजोर कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान एक बार फिर चीन के लालच में फंसकर अपनी सैन्य निर्भरता बढ़ाएगा या इस बार नई रणनीति अपनाएगा। Indo-Pak War