Pizza-Burger से खतरे में बच्चों का भविष्य, UK सरकार ने उठाया बड़ा कदम
International News
भारत
RP Raghuvanshi
07 Jul 2025 04:50 PM
भारत
RP Raghuvanshi
07 Jul 2025 04:50 PM
International News : बच्चों की सेहत को बिगाड़ने में विज्ञापनों की अहम भूमिका को देखते हुए यूनाइटेड किंगडम (UK) ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। ब्रिटिश सरकार अब जंक फूड्स के विज्ञापनों पर सख्त प्रतिबंध लगाने जा रही है। जल्द ही ऐसे विज्ञापनों को जुआ, शराब और कंडोम जैसे प्रतिबंधित कंटेंट की श्रेणी में रखा जाएगा। यह कदम बच्चों में बढ़ते मोटापे और अस्वस्थ खान-पान की आदतों को रोकने के लिए उठाया गया है।
बच्चों में क्यों बढ़ा जंक फूड का चलन?
आज के दौर में बच्चे पौष्टिक भोजन से दूरी बनाते जा रहे हैं और जंक फूड की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। पिज्जा, बर्गर, चिप्स, चॉकलेट और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे खाद्य पदार्थ उनकी पहली पसंद बन चुके हैं। माता-पिता जब भी उन्हें फल-सब्जियां या घर का पौष्टिक खाना देने की कोशिश करते हैं तो बच्चे अक्सर नाक-भौं सिकोड़ लेते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के इस व्यवहार के पीछे टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले जंक फूड के आकर्षक विज्ञापन अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन विज्ञापनों में बच्चों को खुशी-खुशी जंक फूड खाते हुए दिखाया जाता है जिससे वे भी उसकी ओर खिंचे चले जाते हैं।
UK सरकार का सख्त रुख
ब्रिटेन के हेल्थ मिनिस्टर एंड्रयू ग्वेने ने संसद में ऐलान किया कि बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए जंक फूड विज्ञापनों पर जल्द ही प्रतिबंध लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम ना सिर्फ बच्चों को स्वस्थ भविष्य देने के लिए जरूरी है, बल्कि यह NHS (National Health Service) पर बढ़ते आर्थिक बोझ को भी कम करेगा जो पहले से ही गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही है।ग्वेने ने कहा, “बचपन में मोटापा एक गंभीर संकट बन चुका है। यह बच्चों को न सिर्फ अस्वस्थ जीवनशैली की ओर ले जा रहा है, बल्कि हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी भारी दबाव डाल रहा है।”
क्या भारत को भी उठाना चाहिए ऐसा कदम?
भारत में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। बच्चों में पौष्टिक आहार के प्रति अरुचि और जंक फूड की बढ़ती लत चिंता का विषय है। कई बच्चे स्कूल से टिफिन पूरा भरा हुआ लेकर लौटते हैं क्योंकि उन्हें फल, सब्जियां या सादा खाना पसंद नहीं आता। माता-पिता हर दिन इस कोशिश में रहते हैं कि किसी तरह बच्चों को पोषक तत्वों वाला खाना दें। डॉक्टरों और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारतीय बच्चों में भी बचपन से ही मोटापे की समस्या बढ़ रही है जो आगे जाकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, लिवर रोग और दिल की बीमारियों का कारण बन सकती है।
जंक फूड क्यों है सेहत के लिए खतरनाक?
जंक फूड में वसा (Fat), नमक (Salt) और चीनी (Sugar) की मात्रा अत्यधिक होती है, जबकि इसमें फाइबर, विटामिन और मिनरल जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की भारी कमी होती है। इसके लगातार सेवन से शरीर में कई गंभीर बीमारियां जन्म ले सकती हैं, जैसे-मोटापा और हृदय रोग, हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज, किडनी डैमेज और लिवर की समस्याएं, डिप्रेशन, त्वचा विकार और दांतों की बीमारी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बच्चों की सेहत को बचाना है तो सिर्फ घरेलू कोशिशें ही नहीं, नीतिगत स्तर पर भी ठोस फैसले जरूरी हैं। भारत जैसे देश को भी ब्रिटेन की तरह जंक फूड विज्ञापनों पर सख्ती से विचार करना चाहिए। International News