आखिर BSF जवान पूर्णम कुमार की हो गई वतन वापसी, 20 दिन बाद देश की सरजमीं पर रखे पांव
International News
भारत
चेतना मंच
14 May 2025 05:46 PM
International News : पाकिस्तान ने करीब 20 दिन की हिरासत के बाद भारतीय बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को रिहा कर दिया है। पाकिस्तानी रेंजर्स ने भारतीय बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ (BSF jawan Purnam Kumar Shaw) को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारतीय अधिकारियों को सौंपा।
भारतीय बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे अपने वतन लौटे। वापसी के बाद भारतीय एजेंसियों द्वारा उनसे पूछताछ की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि वह किन परिस्थितियों में पाकिस्तान की सीमा में पहुंचे और वहां उनके साथ कैसा व्यवहार किया गया। पूर्णम कुमार गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके पाकिस्तान पहुंच गए थे, जहां उन्हें पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पकड़ लिया था। वह बीएसएफ में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात हैं और पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में ड्यूटी कर रहे थे।
कैसे पहुंचे पाकिस्तान?
23 अप्रैल के दिन पूर्णम कुमार पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान गलती से इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर गए और पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह वही समय था जब देश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से उबरा भी नहीं था, और इसी के बाद भारत ने 7 मई को "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया। इन हालातों में पूर्णम के पकड़े जाने से परिवार की चिंता कई गुना बढ़ गई।
पत्नी ने जला रखी थी उम्मीद की लौ
भारतीय बीएसएफ जवान पूर्णम की पत्नी राजनी का इंतज़ार हर दिन एक नई उम्मीद और बेचैनी से भरा होता था। उन्होंने कहा, "जब भारतीय सेना ने राजस्थान में एक पाकिस्तानी रेंजर को हिरासत में लिया, तब लगा कि शायद अब मेरे पति को भी छोड़ा जाएगा..." राजनी की उम्मीदों को मजबूती दी DGMO (Director General of Military Operations) स्तर की बातचीत ने, जहां भारत ने पूर्णम कुमार का मुद्दा उठाया।इतना ही नहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी राजनी से बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और उनके ससुराल पक्ष को चिकित्सकीय सहायता की पेशकश की।