खामेनेई पर इजरायली रक्षा मंत्री का बड़ा बयान- 'अगर रेंज में होते तो मार देते'
भारत
चेतना मंच
27 Jun 2025 08:30 AM
International News : ईरान और इजरायल के बीच हाल ही में थमे संघर्ष के बाद अब एक बड़ा खुलासा सामने आया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल कैट्ज ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी सरकार ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की पूरी योजना बनाई थी, लेकिन उसे अंजाम देने का कोई सैन्य अवसर नहीं मिल पाया।
इजरायली न्यूज चैनल 13 को दिए इंटरव्यू में कैट्ज ने कहा, "अगर खामेनेई हमारी रेंज में होते, तो हम उन्हें खत्म कर देते। हमारी मंशा बिल्कुल स्पष्ट थी, लेकिन ऐसा कोई ऑपरेशनल मौका नहीं मिला।" जब उनसे पूछा गया कि क्या इस योजना के लिए अमेरिका से कोई अनुमति ली गई थी, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "ऐसे मामलों के लिए हमें किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है।"
इजरायली मंत्री की तीखी टिप्पणी
इससे पहले इजरायली मंत्री योआव गैलंट ने खामेनेई को आधुनिक हिटलर बताते हुए कहा था कि इजरायली सेना को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं ,"युद्ध के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए खामेनेई अब जीवित नहीं रहना चाहिए।" इन बयानों से साफ है कि इजरायल खामेनेई को निशाना बनाने में कोई कोताही नहीं करना चाहता था और यदि उन्हें मौका मिलता तो अंजाम भी दे देता।
खामेनेई भूमिगत बंकर में छिपे हुए हैं?
सूत्रों के मुताबिक, इजरायली हमलों के बाद खामेनेई अपने परिवार सहित तेहरान के एक अज्ञात भूमिगत बंकर में छिपे हुए हैं। इसमें उनके बेटे मोजतबा खामेनेई के भी मौजूद होने की खबर है। माना जाता है कि 13 जून को शुरू हुए इजरायली हवाई हमलों के बाद से उन्होंने यह सुरक्षित शरण ली है। लगभग एक सप्ताह की चुप्पी के बाद 19 जून को खामेनेई पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए। ईरानी सरकारी टीवी पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने दावा किया कि, “कतर स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल हमला अमेरिका के मुंह पर तमाचा है।” 86 वर्षीय खामेनेई ने अपने 10 मिनट के भाषण में अमेरिका और इजरायल दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की परमाणु क्षमताएं पूरी तरह नष्ट होने के ट्रंप के दावे बिलकुल झूठे हैं।
कई बड़े ईरानी कमांडर मारे गए
गौरतलब है कि 13 जून को इजरायल और ईरान के बीच सीधा सैन्य टकराव शुरू हुआ था, जिसमें इजरायली हमलों में कई ईरानी कमांडरों और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाकर मार गिराया गया। इस दौरान इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप दोनों ने इशारा किया था कि खामेनेई की जान भी खतरे में है। अब जबकि अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम हो चुका है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने यह तो साफ कर ही दिया है कि ईरान-इजरायल टकराव अब व्यक्तिगत दुश्मनी के स्तर तक पहुंच चुका है और आने वाले समय में यह टकराव फिर से भड़क सकता है। International News