International News : एनी की उपलब्धि से बढ़ा महिलाओं का मान और सम्मान
Ani
भारत
चेतना मंच
07 Oct 2022 11:27 PM
अंजना भागी
International News : स्कॉटहोम। प्रसिद्ध फ्रांसिसी लेखिका एनी अर्नो को मिले दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक पुरस्कार के बाद महिला विमर्श एक बार फिर दुनिया में मुख्य धारा में आ गया है। साहित्य का नोबेल पुरस्कार इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी चर्चा का विषय बना है। दुनिया भर की महिलाएं आज 82 वर्षीय लेखिका एनी पर गर्व कर रही हैं।
साहित्य की नोबल पुरस्कार की इस वर्ष की विजेताा फ्रांसीसी लेखिका एनी अर्नो आज दुनिया भर की महिलाओं के लेखन के लिए एक प्रेरणा बन कर आकाश पर चंचमाते सितारे की तरह उभरी हैं। इस घोषणा के साथ ही आज जब उनके लेखन की चर्चा सबके सामने आई है तो हर लेखिका सोच में है कि वह इस कदर बहादुर क्यों न बन सकी? अपने निजी रिश्तों, उनसे विछोह फिर गर्भपात और उसके बाद का जीवन जो उन्होंने जीया। जैसे अर्नो ने बिना आवेग शब्दों में पिरोया है। वो भी बिना रचनात्मकता को खोये हुये। जिसने भी इसको पढ़ा उसने ही इनको जाना और इनका कायल हुआ। अर्नो का काम एकदम स्पष्ट भाषा में साफ सुथरा है। विशेषता यह भी है कि रचनात्मकता से भी किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया है। उनकी यह विधा ही उनके लेखन को अति सराहनीय बनाती है। यहाँ तक कि उनकी लेखन शैली उनके जीवन की तेज भावनाओं के आवेग से भी अप्रभावित है।
साहित्य के लिए नोबल समिति के अध्यक्ष एंडर्स ओलसन ने उनकी इस कला को पहचाना। साथ ही अन्य चयनकर्ताओं ने भी उनकी इस कला को जाना कि कैसे उन्होंने अपने जीवन की घटनाओं से अपने लेखन में आमजन को जोड़ा तथा साथ ही उनके दर्द को अपने साथ अपने शब्दों में लिख कर सबके दिल में उतरती चली गईं। उनकी यह लेखन विधा 2008 में आम जन तक पहुंची थी और वे कई पुरस्कारों से नावाजी गईं। इसने ही उनके हौंसलों को एक नई उड़ान दी और आज 82 वर्ष की अर्नो सबके दिल में सम गई हैं और नोबल पुरस्कार विजेता घोषित हुई हैं।
चेतना मंच परिवार उनकी इस उपलब्धि पर बधाई देता है साथ ही यह अपेक्षा भी करता है कि एक दिन साहित्य का यह सबसे बड़ा पुरस्कार किसी भारतीय महिला को भी जरूर प्राप्त हो।