छह साल की मासूम से 45 वर्षीय व्यक्ति ने दो बीबियों के होते हुए किया निकाह, फिर उठा बाल विवाह का सवाल
Child Marriage
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 11:43 AM
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 11:43 AM
Child Marriage : दक्षिणी अफगानिस्तान के मरजाह जिले से एक बेहद चिंताजनक और स्तब्ध कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 45 वर्षीय एक व्यक्ति ने मात्र 6 वर्ष की एक बच्ची से विवाह कर लिया। यह व्यक्ति पहले से दो विवाह कर चुका है और अब उसने तीसरी बार इस मासूम को अपनी दुल्हन बना लिया, वह भी पैसों के लेन-देन के आधार पर। इस घटना ने अफगानिस्तान की पारंपरिक सामाजिक संरचना और बाल अधिकारों को लेकर फिर से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है।
तालिबान की प्रतिक्रिया : निकाह पर आंशिक रोक, मगर गिरफ्तारी बिना केस
जब यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो तालिबान प्रशासन हरकत में आया और तत्काल हस्तक्षेप करते हुए बच्ची को कथित पति के घर भेजे जाने से रोक दिया। तालिबान की ओर से यह निर्देश भी दिया गया कि बच्ची को तब तक पति के घर नहीं ले जाया जा सकता जब तक उसकी उम्र 9 वर्ष नहीं हो जाती। हालांकि यह हस्तक्षेप केवल सीमित था। रिपोर्टों के अनुसार, लड़की के पिता और तथाकथित दूल्हे को हिरासत में जरूर लिया गया है, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं किया गया है।
वलवार प्रथा और दुल्हन की "कीमत"
इस विवाह में अफगान समाज की पुरानी वलवार नामक प्रथा की भूमिका रही। जिसमें दुल्हन की कीमत उसके शारीरिक रूप, उम्र, शिक्षा स्तर और सामाजिक स्थिति के आधार पर तय की जाती है। इस प्रणाली में लड़की वस्तु की तरह देखी जाती है, जिसे पैसे के बदले 'सौंपा' जा सकता है।
तालिबानी शासन में बाल विवाह बढ़े
साल 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से बाल विवाह के मामलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सेव द चिल्ड्रन की एक रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में बाल विवाह के मामलों में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि कम उम्र में मातृत्व के मामलों में 45 प्रतिशत तक का उछाल आया है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता और मौन अफगान समाज
यह मामला सिर्फ एक बच्ची या एक जिले की कहानी नहीं है, बल्कि उस व्यापक सामाजिक और राजनीतिक ताने-बाने की बानगी है, जिसमें लड़कियों के अधिकार आज भी हाशिए पर हैं। बाल अधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बार-बार अफगानिस्तान में बाल विवाह की निंदा की है, लेकिन जमीनी हकीकत में अब तक बहुत कम बदलाव देखने को मिला है। एक तरफ दुनिया भर में बालिका शिक्षा, सशक्तिकरण और अधिकारों की बातें हो रही हैं, वहीं अफगानिस्तान के कई हिस्सों में 6 साल की बच्ची को दुल्हन बनाकर समाज और कानून दोनों की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। यह घटना केवल तालिबान के चरित्र की नहीं, बल्कि उस जड़ व्यवस्था की पहचान है जिसे बदलने की सख्त जरूरत है।